महोबा। ज्येष्ठ मास की सोमवती अमावस्या पर सोमवार की सुबह बुंदेलों ने गुरु गोरखनाथ की तपोभूमि गोरखगिरि पर्वत की 5.5 किमी लंबी परिक्रमा लगाई। परिक्रमा मार्ग में विराजमान सभी देवी-देवताओं को नमन किया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने प्रशासन से प्राचीन शिवतांडव मंदिर के अधूरे पड़े निर्माण को शीघ्र पूरा कराने की मांग उठाई।
गोरखगिरि परिक्रमा शिवतांडव मंदिर से शुरू होकर पठवा के बाल हनुमान, महावीरन, केदारेश्वर महादेव, संकरे संन्या, छोटी चंडिका, काली माता, शनिदेव, राम दरबार, नागौरिया, काल भैरव होते हुए संपन्न हुई। बुंदेली समाज के संयोजक तारा पाटकर ने कहा कि गोरखपुर के बाद नाथ संप्रदाय के सबसे बड़े तीर्थ गोरखगिरि पर्वत के पर्यटन विकास के लिए वर्ष 2022 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 12 करोड़ का बजट दिया था। जिस पर अब तक काफी काम हो चुका है लेकिन गोरखगिरि पर्वत के प्रवेश द्वार पर बने ऐतिहासिक शिवतांडव मंदिर का निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिया गया है। बारिश से पहले यदि ये काम पूरे नहीं हुए तो मंदिर के अंदर सारा पानी भरेगा और भक्तों के लिए वहां जाना मुश्किल हो जाएगा। यहां पर दिलीप जैन, अवधेश गुप्ता, डा. देवेन्द्र, नीरज, रवि, प्रहलाद पुरवार, प्रेम चौरसिया, गया प्रसाद, दिनेश खरे, राजेश शुक्ला, अच्छेलाल, सिद्ध गोपाल, रामकिशन सेन, आदि मौजूद रहे।
परिक्रमा लगाकर महिलाओं ने मांगा अखंड सौभाग्य
सोमवती अमावस्या पर सुहागिन महिलाओं ने पीपल वृक्ष की 108 परिक्रमा लगाकर अखंड सौभाग्य व परिवार में सुख-समृद्धि की कामना की। भोर से ही महिलाएं पीपल वृक्ष के नीचे पहुंची और विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर परिक्रमा लगाई। दोपहर तक महिलाएं जत्थे के रूप में पहुंचती रहीं। पूजा-अर्चना के बाद कन्याओं को प्रसाद वितरित किया गया।