शहर में ट्रैफिक पुलिस के उत्पीड़न व वसूली से परेशान ई-रिक्शा चालकों ने सोमवार को तहसील में प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की। सभी ने एसडीएम को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की। हड़ताल के चलते लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ा।
शहर में करीब एक सैकड़ा ई-रिक्शा संचालित है। शहर के मुख्यमार्ग में वन वे व्यवस्था लागू होने से चार पहिया वाहन व ऑटो रिक्शा पर रोक है, लेकिन पुलिस ई-रिक्शा चालकों को भी परेशान करती है। आरोप है कि सुभाष चौकी चौराहे पर तैनात पुलिसकर्मी चालकों से अवैध वसूली करते है।
विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की जाती है। सोमवार की सुबह ई-रिक्शा चालक गनेशी पुत्र हरचरन को पुलिस ने पीट दिया। साथ ही उसकी चाबी भी तोड़ दी। इस घटना से चालकों में आक्रोश है। लोगों ने मामले की जानकारी हिंदू युवा वाहिनी के मंडल सह प्रभारी आशीष महाराज को दी।
मंडल सह प्रभारी करीब पचास ई-रिक्शा चालकों के साथ तहसील पहुंचे और एसडीएम प्रबुद्ध सिंह को शिकायती पत्र सौंपा। चालक मायाराम वर्मा, संजय साहू, उमेश, मुकेश, राजू वर्मा, अशोक, प्रेमचंद्र रैकवार, जगतसिंह, मधु कुमार, कालीचरन, राजू आदि का कहना था कि वह किसी तरह अपने परिवार का पेट पाल रहे है
लेकिन पुलिस के उत्पीड़न से वह परेशान है। चालकों ने तहसील में रिक्शा खड़े कर हड़ताल शुरू कर दी और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। एसडीएम ने जांच कराकर कार्रवाई का भरोसा दिया है।