बुंदेलख्ंाड की समस्याओं और लगातार दैवीय आपदाओं से जूझ रहे किसानों की बेरोजगारी के चलते 50 प्रतिशत किसान गांव छोड़कर महानगरों की तरफ पलायन कर गए। डेढ़ दशक में करीब 300 किसानों ने आत्महत्या कर ली। तमाम किसानों ने अपनी जमीन गिरवीं रख दी। यह बात ज्ञापन में जिले के जन प्रतिनिधियाें ने मुख्यमंत्री से कही।
पूर्व सांसद गंगाचरन राजपूत, महोबा विधायक राकेश गोस्वामी, चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत, राठ विधायक मनीषा अनुरागी ने बांदा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कोे दिए ज्ञापन में बताया कि बुंदेलखंड की नौकरियों की बुंदेलखंड के लोगों की भर्ती के लिए अलग से बुंदेलखंड कैडर का गठन किया जाए। उत्तराखंड में यह सिस्टम लागू है। इससे बुंदेलखंड की समस्या का समाधान होगा।
ज्ञापन में अन्ना पशुओं का शीघ्र प्रबंध किए जाने, देशी गायों बछड़ों की नस्ल में सुधार किए जाने, बुंदेलख्ंाड के बिजली किसानों के बिल आधे किए जाने, यहां के बिजली के रेट उत्तर प्रदेश के अन्य जगहों से दोगुने हैं।
बुंदेलखंड में बिजली को रेट कम किए जाने, बुंदेलखंड के सिंचाई परियोजना जैसे अर्जुन सहायक परियोजना के किसानों को शीघ्र मुआवजा दिए जाने, धंसान नदी पर प्रस्तावित विराट सागर बांध शीघ्र आरंभ किए जाने, बुंदेलखंड में उद्योग लगाने वालों को पांच वर्ष के लिए सभी कर माफ किए जाने, बुंदेलखंड के खनन व अन्य विकास कार्याें के ठेके बुंदेलखंड के लोगों केा दिए जाने की मांग की गई।