महोबा। पूरे दिन घर से बाहर रहने वालों को लॉकडाउन रास नहीं आ रहा। सुबह घर से निकलकर देर रात में आने वाले लोगों को लॉकडाउन भारी पड़ रहा है। तमाम लोग तो ऐसे जो बच्चों के जागने से पहले घर से निकल जाते थे और बच्चों के सोने के बाद आते थे। जिन्हें अब दिन-रात बच्चों के बीच ही रहना पड़ रहा है।
हालांकि लॉकडाउन के चलते बच्चों को चाऊमीन, पास्ता और मैगी की जगह घरेलू देसी नाश्ते से काम चलाना पड़ रहा है। इससे बच्चों की अब देसी घरेलू खाद्यान्न के प्रति रुचि बढ़ने लगी हैं। अधिकांश बच्चे परिजनों के साथ गेम खेलकर दिन बिता रहे हैं। लॉकडाउन के चलते 13 दिनों से घरों में कैद लोग अब बाहर निकलने के लिए बिलबिला रहे हैं, लेकिन प्रशासन का घर में रहकर पूरा सहयोग भी कर रहे हैं। कुछ लोग घरों में ही अपने दूसरे काम निपटा रहे हैं। महानगरों से आए मजदूरों को जहां 14 दिनों के लिए क्वारंटीन किया जा रहा हैं। पुराने दौर की वापसी हो रही है और महिलाएं घरेलू उत्पाद, दलिया, सिवइयां, फ्राई चावल, फ्राई चने और मटर का नाश्ता तैयार कर रही हैं।