पुलिस प्रशासन और एआरटीओ विभाग की उदासीनता के चलते जिले में टेंपो चालक नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं। हालत यह है कि तीन सीटर पास टेंपो में 10-15 तक सवारियां बैठाकर वाहन दौड़ा रहे हैं। इतना ही नहीं चालक अपने दोनों तरफ भी दो-दो सवारियां बैठा रहे हैं। जिससे हादसा होने की संभावना और बढ़ जाती है।
मालूम हो कि ज्यादा कमाई के चक्कर में टेंपो चालक तीन सीटर पास टेंपो में आठ से दस सवारियों बैठती हैं। कुछ चालक के बगल में तो कुछ सवारियों को टेंपो के पीछे भी लटका लिया जाता है। सबसे ज्यादा दिक्कत चालक के बगल में बैठने वाली सवारियों के कारण होती है। नतीजतन मोड़ पर अचानक भारी वाहन आ जाने पर टेंपो चालक ठीक तरह से हैंडिंल नहीं मोड़ पाते और दुर्घटना तक हो जाती है।
पुलिस की मिलीभगत के चलते टेंपो में मानक से ज्यादा सवारियां बैठाने के बाद भी उनका चालान नहीं किया जाता। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी सुदेश तिवारी का कहना है कि चेकिंग अभियान के दौरान ऐसे टेंपो चालकों का चालान किया जाता है। सघन अभियान चलाकर चालक के दोनों तरफ सवारियां बैठाकर चलने वाले टेंपो चालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।