कलक्ट्रेट में हंगामा काटते एजेंट
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पीएसीएल लिमिटेड (पल्स ग्रुप) में एजेंट के रूप में काम करने वाले लोग परेशान हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद निवेशकों का पैसा वापस नहीं किया जा रहा है। जिससे ग्राहक एजेंटों के साथ गाली-गलौज व जानमाल की धमकी दे रहे हैं। इसी मामले में शुक्रवार को दो दर्जन से अधिक एजेंटों ने कलक्ट्रेट में
हंगामा काटा और डीएम को शिकायती पत्र सौंप सुरक्षा की मांग उठाई। पीएसीएल लिमिटेड रीयल इस्टेट में भूखंड देने के नाम पर वर्ष 1996 से काम कर रही थी। जिसका रजिस्ट्रेशन भारत सरकार के एमसीए व डीसीए डिपार्टमेंट से है। कंपनी में देश भर के लगभग छह करोड़ निवेशकों का करोड़ों रुपया जमा
है। 22 अगस्त 2014 को भारतीय प्रतिभूत एवं विनिमय बोर्ड सेवी ने कंपनी के कारोबार को बंद कर निवेशकों का पैसा 90 दिन में वापस करने का आदेश दिया था। इस फैसले के खिलाफ कंपनी सुप्रीम कोर्ट गई। जहां दो फरवरी 2016 को सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश आरएम लोढा की अध्यक्षता में कमेटी का
गठन कर पीएसीएल की सभी संपत्ति बेचकर निवेशकों का पैसा छह माह में वापस देने का आदेश दिया गया था। इससे ग्राहक आए दिन एजेंटों के पास पहुंच रहे हैं। पीएसीएल कंपनी के एजेंट खड़क सिंह, जमाल अंसारी, रामकिशन, चरनदास, सुनीता, मोहनलाल, सत्यचरन, उमाशंकर चौरसिया सहित दो दर्जन
से अधिक ऐजेंटों ने डीएम वीरेश्वर सिंह को सौंपे शिकायती पत्र में बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी निवेशकों का भुगतान नहीं किया जा रहा है। जिससे ग्राहक ऐजेंटों के साथ गाली गलौज व मारपीट कर रहे हैं। उन्होंने एजेंटों की सुरक्षा और निवेशकों का पैसा वापस दिलाये जाने की मांग की है।