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बुंदेलों ने खून से खत लिख बक्सवाहा जंगल बचाने की लगाई गुहार

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बक्सवाहा के जंगल बचाने के लिए खून से खत लिखते बुंदेले - फोटो : MAHOBA
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महोबा। बुंदेलखंड का बक्सवाहा जंगल बचाने के लिए तारा पाटकर की अगुवाई में बुंदेलों ने विश्व पर्यावरण दिवस पर प्रधानमंत्री, केंद्रीय पर्यावरण मंत्री, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्रियों को खून से खत लिखे हैं।
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शहर के आल्हा चौक स्थित अंबेडकर पार्क में सुबह दस बजे बुंदेली समाज के संयोजक तारा पाटकर, प्रवीण चौरसिया, हरिओम निषाद, ग्यासी लाल, मुन्ना जैन, देवेंद्र तिवारी, सुरेश बुंदेलखंडी, सुरेंद्र शुक्ला, रमाकांत नगायच, प्रहलाद पुरवार, अवधेश गुप्ता ने अपना खून निकलवाया। पीपल के वृक्ष के नीचे 17वीं बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को खून से पत्र लिखे। पत्र में लिखा हीरा नहीं हरियाली चाहिए, बुंदेलखंड की खुशहाली चाहिए। एक तरफ सरकार ऑक्सीजन प्लांट लगवा रही है और वहीं दूसरी तरफ हीरों के लिए बुंदेलखंड के हजारों साल पुराने बक्सवाहा जंगल को खत्म किया जा रहा है। मध्य प्रदेश सरकार ने जंगल के 2.15 लाख पेड़ काटने की अनुमति दे दी है। ये मामला केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय के पास विचाराधीन है।
महामंत्री डॉ. अजय बरसैया ने बताया कि हमीरपुर, बांदा, फतेहपुर व चित्रकूट के अलावा छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी के पर्यावरण प्रेमी भी खून से खत लिख रहे हैं। साहित्यकार संतोष पटैरिया ने कहा कि वृक्ष ही असली हीरा हैं।
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