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Mahoba News: स्वास्थ्य मेले में सुबह दस से एक बजे तक आए सिर्फ नौ मरीज

Sun, 05 Oct 2025 11:46 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
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फोटो 05 एमएएचपी 13 परिचय-अकौना स्वास्थ्य मेले में मरीजों के आने का इंतजार करते डॉक्टर व स्वास्थ
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बेलाताल (महोबा)। स्वास्थ्य विभाग की ओर से ब्लॉक जैतपुर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अकौना में रविवार को आयोजित मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला महज औपचारिकता तक सिमटा रहा। सुविधाओं की कमी और जांच न होने से मरीजों की संख्या बेहद सीमित रही। सुबह 10 बजे से दोपहर एक बजे तक सिर्फ नौ मरीज ही इलाज के लिए पहुंचे। बिना रक्त परीक्षण कराए ही मरीजों को दवाएं थमा दी गईं। मेले में कोई एमबीबीएस डॉक्टर भी मौजूद नहीं मिला। लैब टेक्नीशियन न होने से मलेरिया, टाइफाइड और शुगर की जांचें नहीं हुईं। जांच के नाम पर सिर्फ मरीजों का ब्लड प्रेशर चेक किया गया।
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मेले में बाल विकास, आंगनबाड़ी आदि विभाग का कोई प्रतिनिधि उपस्थित नहीं हुआ। परिसर में न तो कोई सजावट की गई और न ही टेंट लगाया गया। मेला अस्पताल के एक छोटे से बरामदे में ही आयोजित करा दिया गया। वार्ड बॉय और स्वीपर भी नहीं दिखे। महिला चिकित्सक डॉ. सुनीता की यहां ड्यूटी लगाई गई लेकिन वह भी नहीं पहुंची। इससे महिला मरीजों का इलाज नहीं हो सका। दोपहर एक बजे तक सीएचसी अधीक्षक व विभाग के कोई वरिष्ठ अधिकारी मेले का निरीक्षण करने नहीं पहुंचे। बीएमएस व बीएचएमएस डॉक्टर ने मरीजों को दवाएं थमाईं।
रामप्रताप, दिनेश, धीरज आदि ने बताया कि पहले मुख्यमंत्री स्वास्थ्य मेलों का उद्घाटन जनप्रतिनिधियों या समाजसेवियों से कराया जाता था। स्वास्थ्य, पोषण और परिवार नियोजन संबंधी प्रदर्शनियां लगती थीं विभिन्न रोगों से संबंधित जांचें भी होती थीं। परिसर को टेंट लगता था लेकिन अब स्वास्थ्य मेला सिर्फ खानापूर्ति तक सिमट गया है। मेले में आयुष डॉ. आशुतोष सोनी, नेत्र चिकित्सक डॉ. महेंद्र, फार्मासिस्ट अविनाश अहिरवार, स्टाफ नर्स गीता राजपूत, एएनएम अकीला बानो आदि मौजूद रहे। उधर, सीएमओ डॉ. आशाराम का कहना है कि जिले में डॉक्टरोंं की कमी है। फिर भी मेलों का निरीक्षण कर हकीकत परखी जाएगी। लापरवाह डॉक्टर व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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विभाग के आंकड़ों दिखाए गए 42 मरीज
बेलाताल। मेले में आंकड़ों में बाजीगरी भी जमकर हुई। सुबह दस से दोपहर एक बजे तक नौ मरीज ही इलाज के लिए पहुंचे। आंकड़ों में एक से चार बजे तक अंतिम तीन घंटों में 31 मरीज का इलाज दिखाया गया। ऐसे में सुबह दस से शाम चार बजे तक कुल 42 मरीजों की संख्या बताई गई।


मरीजों ने बताई हकीकत
फोटो 05 एमएएचपी 14 परिचय-चंद्रभान। संवाद
इलाज के लिए पीएचसी अकौना पहुंचे अकौनी गांव निवासी चंद्रभान ने बताया कि उनके सीने में दर्द है। स्वास्थ्य मेले में जांच की सुविधा नहीं थी। इलाज के नाम पर खानापूर्ति की गई।

फोटो 05 एमएएचपी 15 परिचय-सूरज। संवाद
ढिकवाहा गांव निवासी सूरज ने बताया कि उन्हें बुखार है। वह 14 किमी दूरी तय कर इलाज के लिए पीएचसी पहुंचे लेकिन उचित इलाज नहीं हुआ। बिना जांच किए ही उन्हें दवाएं दी गईं।
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