महोबा। कोतवाली क्षेत्र के बरातपहाड़ी गांव में गड़ा धन मिलने पर तांत्रिक की हत्या कर शव हवनकुंड में फेंकने के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को हिरासत में लिया है। तांत्रिक 20 साल से झाड़फूंक का काम करता था।
उधर, पिता की मौत की सूचना पर नोएडा में रह रहे उसके तीनों बेटे महोबा लौटे हैं। सोमवार की शाम तांत्रिक का अंतिम संस्कार किया गया। थाना पनवाड़ी के बैंदो गांव निवासी हरचरन अहिरवार गांव में खेती-किसानी के साथ झाड़फूंक करता था।
15 नवंबर को बरातपहाड़ी गांव का प्रताप अपने एक अन्य साथी के साथ बाइक से हरचरन को ले गया था। वह लोग प्राचीन काली माता मंदिर में भंडारा होने की बात कहकर उसे मंदिर ले गए। जहां गड़ा धन न मिलने पर उसकी हत्या कर शव हवनकुंड में फेंक दिया था।
मृतक के भतीजे अर्जुन सिंह की तहरीर पर पुलिस ने प्रताप व एक अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। मृतक के बेटे रामभरोसी ने बताया कि उसके पिता गांव में रहकर 20 साल से झाड़फूंक करते थे।
सीओ सदर दीपक दुबे का कहना है कि एक आरोपी को हिरासत में लिया गया है। पूछताछ की जा रही है। जल्द ही दूसरे आरोपी को गिरफ्तार कर खुलासा किया जाएगा।