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7.5 करोड़ खर्च के बाद भी नहीं बुझी प्यास

Mon, 13 Apr 2015 11:45 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो महोबा
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कस्बा खरेला के लिए सामूहिक पेयजल योजना में साढ़े सात करोड़ रुपये खर्च होने के बाद समस्या जस का तस है। 12 वर्ष बाद भी योजना 50 हजार की आबादी वाले कस्बे की प्यास नहीं बुझा पा रही है।  जिससे मजबूरन लोगों को पेयजल के लिए दूर दराज के इलाकों और हैंडपंपों पर भटकना पड़ता है।  
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14 अगस्त 2003 को लोकार्पित सामूहिक पेयजल योजना 50 हजार की आबादी के बीच स्थित 12 वार्डों में से छह वार्डों को ही पानी पहुंचा पा रही है। जबकि लाखों रुपये खर्च करके संपूर्ण कस्बे में पेयजल आपूर्ति के लिए पाइप लाइन बिछाई गई थी। अधिकतर वार्डों में कभी कभार आपूर्ति मिल पाती है। गुणवत्ताहीन पाइप लाइन डालने के कारण कई जगह लीकेज हैं। जिसके चलते ऊंचाई वाले इलाकों में पानी नहीं पहुंच पाता। दो वर्ग किलोमीटर के क्षेत्रफल में बसी आबादी के बीच लगे अधिकतर हैंडपंपाें का पानी खारा है। वहीं स्थाई जलश्रोत कुएं जीर्णशीर्ण होने के कारण ग्रामीणाें को पीने के लिए मीठा पानी दूर दराज से लाना पड़ रहा है। कस्बे में लगे कुल 289 में से 40 हैंडपंप खराब पड़े है। वहीं मध्यम और उच्च वर्ग के लोग रोजाना 20 से 50 रुपये का पानी खरीद कर पीते है।  वहीं कई वार्डों क स्थित इतनी खराब है जहां पानी के लिए बच्चों वृद्घों को दूर जाना पड़ता है।

आधे गांव तक सिमटी पेयजल योजना
कस्बे के सादराय, राय सिंह, मानिक और डींगुरराय मोहल्ले तक पाइप लाइन का विस्तार सामूहिक पेयजल योजना शुरू होने के दौरान पाइप लाइन डाल दी गई थी। लेकिन इन वार्डों में अब तक पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हो पाई है। सादराय निवासी चंद्रशेखर तिवारी, प्रमोद कुमार, मुन्ना सिंह, शनीचरी बाजार निवासी इंद्रपाल, मानिक मोहाल निवासी श्यामबाबू सेन, पप्पू, रोशन सिंह आदि ने बताया कि कई बार शिकायत के बावजूद पानी की आपूर्ति की व्यवस्था नहीं हुई। जबकि नगर की संपूर्ण आबादी के लिए यह पेयजल योजना बनाई गई थी।
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खामियों के चलते नहीं हो पाती नियमित आपूर्ति
कस्बे में बस स्टैंड के पास स्थित पानी की टंकी के पास बने पंप हाउस में दो मोटर लगी हैं। लेकिन एक मोटर एक वर्ष से खराब है। वहीं दूसरी मोटर भी आय दिन खराब रहती है। पंप हाउस में जनरेटर न होने से  बिजली की आपूर्ति पर ही पेजयल आपूर्ति निर्भर है। जिसके चलते एक दिन छोड़कर एक दिन बाद आधा दर्जन मोहल्लों तक पानी की आपूर्ति की जा रही है।

जगह-जगह लीकेज हैं पाइप लाइनें
जल संस्थान के कर्मचारियों की कोताही के चलते जगह-जगह लीकेज पाइप लाइनें ठीक नहीं हो पा रही हैं। मंगली बाजार से लेकर बस स्टैंड, स्वामीदास और मुख्य पाइप लाइन पूंछा के समीप टूटी हैं। जिनकी मरम्मत काम चलाऊ तरीके से कर दी गई है। जिससे निरंतर पानी बहकर बर्बाद होता रहता है। वहीं लीकेज होने से पानी का प्रेशर काम हो जाता है। जिससे ऊचाई वाले इलाकों में पानी नहीं पहुंच पाता है। स्वामीदास मोहल्ला निवासी जीतेंद्र तिवारी, गोविंद राम, राघवेंद्र, अवधेश शुक्ला आदि ने बताया कि मोहल्ले में पानी एक दो बाल्टी ही आ पाता है। प्रेशर कम होने के कारण आवश्यकता के अनुसार पानी नहीं मिल पा रहा।

पेयजल योजना के विस्तार के लिए प्रयासरत हैं। ऊंचाई वाले मोहल्लों में पानी की आपूर्ति के लिए कोशिश की जा रही है। आवश्यकता के मुताबिक अर्जुन बांध में पानी उपलब्ध है। कस्बे के लिए प्रतिदिन 1.37 एमएलडी पानी की आवश्यकता है। जबकि मौजूदा समय में 0.56 एमएलडी प्रतिदिन पानी की सप्लाई की जा रही है। आवश्कता के अनुसार पानी की आपूर्ति कराने का प्रयास किया जा रहा है।
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- एसके वर्मा, अवर अभियंता जल संस्थान।


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