महोबा। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का मतदान प्रथम चरण में 15 अप्रैल को होगा। ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य व जिला पंचायत सदस्य के नामांकन पत्र दाखिल होने के बाद सोमवार को पूरे दिन नामांकन पत्रों की जांच का काम चला। जिला निर्वाचन अधिकारी ने पनवाड़ी ब्लॉक में जांच प्रक्रिया का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए।
जिले में पंचायत चुनाव को लेकर प्रशासन तैयारियों में जुटा है। वहीं नामांकन पत्र दाखिल होने के बाद प्रत्याशी दिनरात चुनाव प्रचार में जुटे हैं। सोमवार से जिले के कबरई, चरखारी, पनवाड़ी व जैतपुर ब्लॉक में ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य व ग्राम पंचायत सदस्य पद के उम्मीदवारों के नामांकन पत्रों की जांच की गई। अधिकारी सुबह से ही
नामांकन पत्रों का मिलान कर खामियां देखते रहें। ब्लॉक में नामांकन पत्रों की जांच के दौरान उम्मीदवारों की भीड़ जुटी रही। छिटपुट खामियों को मौके पर दुरुस्त कराया गया। वहीं जिला पंचायत सदस्य पद के प्रत्याशियों के नामांकन पत्रों की जांच कलेक्ट्रेट में की गई। मंगलवार को भी नामांकन पत्रों की जांच का काम होगा और कितने नामांकन खारिज हुए। इसकी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
नामांकन पत्रों की जांच के दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी सत्येंद्र कुमार ने पनवाड़ी ब्लॉक में आरओ व एआरओ को निर्देश दिए कि जांच में जो भी नामांकन पत्र नियमानुसार हों उन्हें स्वीकृत किया जाए और जो गलत हों उन्हें निरस्त कर दिया जाए। कहा कि जिन प्रत्याशियों के दस्तावेज अपूर्ण हैं, वह 6 अप्रैल को शाम 5 बजे तक संबंधित आरओ व एआरओ को दस्तावेज उपलब्ध करा दें, अन्यथा नामांकन पत्र निरस्त कर दिए जाएंगे।
महोबा। जिला निर्वाचन अधिकारी के भ्रमण के दौरान रास्ते में प्रत्याशियों के वाहनों पर पार्टियों के पोस्टर लगे देख डीएम नाराज हो गए। उन्होंने नाराजगी जताते हुए सभी सेक्टर मजिस्ट्रेटों को निर्देश दिए कि सड़कों पर इस प्रकार के वाहन नहीं दिखने चाहिए। यदि किसी भी वाहन पर राजनीतिक पार्टियों के पोस्टर, पंपलेट आदि पाए जाने पर तत्काल वाहन का चालान कर दिया जाए। उन्होंने कहा है कि सभी सेक्टर मजिस्ट्रेट अपने क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता का सख्ती से पालन कराएं, लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
महोबा। पंचायत चुनाव को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए छह से नौ अप्रैल तक मतदान कार्मिकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रभारी अधिकारी कार्मिक डॉ. हरिचरण सिंह ने बताया कि एक दिन ही मतदान कराए जाने से जिले में कर्मचारियों की कमी को देखते हुए महिला मतदान कार्मिकों की गर्भावस्था संबंधी निर्वाचन ड्यूटी समस्या
के समाधान के लिए मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया है। प्रशिक्षण अवधि में महिला मतदान कार्मिक पॉलीटेक्निक व कलेक्ट्रेट सभागार में मेडिकल बोर्ड में परीक्षण करा सकते हैं। मेडिकल बोर्ड की जांच रिपोर्ट की संस्तुति के आधार पर निर्वाचन ड्यूटी से मुक्त किए जाने पर विचार किया जाएगा।