गर्भवती महिलाआें और बच्चों के टीकाकरण की सुविधा के लिए ग्राम धवर्रा में लाखाें की लागत से बनाया गया स्वास्थ्य उप केंद्र खंडहर में तब्दील हो गया है। हाल ये है कि ग्रामीणों को इलाज के लिए पड़ोसी राज्य के अस्पताल तक दौड़ लगानी पड़ती है।
विकासखंड जैतपुर के ग्राम धवर्रा में बने स्वास्थ्य उप केंद्र की कभी सफाई नहीं होती। एएनएम भी यहां नहीं बैठती हैं। उप केंद्र में लगे खिड़की और दरवाजे तक अराजकतत्व निकाल ले गए हैं। हाल ये है कि विभागीय अधिकारियों की उपेक्षा के चलते वीरान पड़ा स्वास्थ्य केंद्र अब अराजकतत्वों का अड्डा बन गया है।
यहां घास उगने के कारण जानवर भी डेरा जमाए रहते हैं। ग्राम धवर्रा निवासी मोतीलाल, देवेंद्र कुमार, जीतेंद्र, रविंद्र आदि ने बताया कि टीकाकरण के लिए बनाया गया उप केंद्र एक साल से बेकार पड़ा है। यहां तैनात एएनएम को कभी आंगनबाड़ी केंद्र तो कभी ग्रामीणाें के घराें में जाकर टीकाकरण करना पड़ रहा है।
कई बार एएनएम के आने की जानकारी न होने के कारण महिलाएं और बच्चे टीकाकरण से वंचित रह जाते हैं। वहीं आसपास प्रसव की सुविधा न होने कारण महिलाआें को पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश के कस्बा नौगांव तक भागना पड़ता है। दूसरे प्रांत में प्रसव कराने पर महिलाआें को वहां भी कोई लाभ नहीं मिल पाता। वहीं उल्टी, डायरिया, मलेरिया, हैजा आदि बीमारियां होने पर भी ग्रामीणों को नौगांव के अस्पतालों में जाकर उपचार कराना पड़ता है।