- एनबीसी प्रमाण-पत्र के लिए बनेगी समिति, स्वीकृति पर ही खुलेंगे कोचिंग
-भवन के नक्शा तैयार कर फायर एनओसी के लिए चल रही भाग-दौड़
संवाद न्यूज एजेंसी
महोबा। कोचिंग सेंटरों और लाइब्रेरी संचालन के लिए संचालकों को एनबीसी (नेशनल बिल्डिंग कोड) का प्रमाण पत्र हर हाल में लेना ही पड़ेगा। संचालकों से स्पष्ट रूप से कह दिया गया है कि मानक पूरे के बाद ही कोचिंग सेंटर नहीं खुल पाएंगे।
प्रमाण पत्र स्वीकृत करने के लिए सीडीओ की ओर से समिति का गठन किया जाएगा। इसमें लोक निर्माण विभाग, नगर विकास विभाग, सिंचाई व ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अभियंता शामिल होंगे। टीम के सदस्य अभिलेखों में दिखाए गए भवनों की जांच कर अपनी स्वीकृति प्रमाण पत्र के रूप में देंगे। फिलहाल कोचिंग संचालक व्यावसायिक भवन खोजने, उनका नक्शा तैयार कराने और फायर एनओसी लेने के लिए पसीना बहा रहे हैं।
जिला विद्यालय निरीक्षक प्रेमचंद्र ने बताया कि सभी कोचिंग व लाइब्रेरी संचालकों को फिलहाल किसी प्रकार की मोहलत या छूट नहीं दी गई है। शासन के सख्त निर्देश के अनुपालन में सभी संचालकों को बताए जा रहे मानकों को हर हाल में पूरा करना ही होगा। बगैर मानक पूरे किए कोचिंग संचालन पर रोक जारी है। फिलहाल संचालक व्यावसायिक भवनों का नक्शा बनाकर फायर एनओसी लेने और कोचिंग का रजिस्ट्रेशन कराने पर लगे हुए हैं। इसके साथ ही एनबीसी की जरूरत पड़ेगी।
विधायक से मिले संचालक
महोबा। कोचिंग और लाइब्रेरी संचालकों ने चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत से मुलाकात की। बताया कि कोचिंग बंद होने से उनकी जीविका बंद हो गई है। शिक्षक एक-एक कमरे में बच्चों को पढ़ाते हैं और बहुत बड़ा व्यवसाय नहीं करते हैं। ऐसे में उन पर इतने सख्त नियम लागू किया जाना चाहिए। कहा कि मानक को पूरा करने के लिए समय दिया जाए और तब कोचिंगों को खोले जाने की अनुमति दिलाई जाए। विधायक ने प्रशासन से बातचीत कर मोहलत दिलाए जाने का आश्वासन दिया है। (संवाद)