महोबा। बुंदेलखंड की पठारी धरती पर इस बार नौतपा में कम तपी। नौतपा के नौ दिन में किसी भी दिन तापमान 40 डिग्री के पार नहीं पहुंचा सका। बंगाल की खाड़ी में बने कम दवाब के क्षेत्र व पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से इस दौरान गर्मी का असर कम रहा।
इस वर्ष 25 मई से नौतपा शुरू हुए थे। सोमवार को नौपता का अंतिम दिन था लेकिन अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से पिछले एक सप्ताह से मौसम का मिजाज बदला हुआ है।
प्रतिदिन आसमान में बादल छाए रहे और कभी बूंदा-बांदी तो कभी रिमझिम बारिश होती रही। रात के समय तो मौसम पूरी तरह सामान्य रहा। इससे हवा में नमी (आर्द्रता) बढ़ी है। दोपहर के समय ही गर्मी व उमस का अहसास हुआ लेकिन नौतपा के दौरान पूर्व के वर्षों में जिस तरह की गर्मी पड़ती रही उस तरह अहसास इस वर्ष नहीं हुआ।
उधर, कृषि विज्ञान केंद्र बेलाताल के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. एसपी सोनकर का कहना है कि जिस साल नौतपा नहीं तपता उस बार मानसून तो जल्दी आ जाता है लेकिन बारिश बेहतर नहीं होती।
इससे पहले वर्ष 2022 से वर्ष 2024 तक नौतपा में 40 से 44 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा लेकिन वर्ष 2021 में नौतपा में इसी तरह का मौसम था और बारिश भी हुई थी। उस वर्ष मानसून सत्र के दौरान कम बारिश देखने को मिली थी। यही हाल वर्ष 2025 का नजर आ रहा है।