महोबा। ब्लॉक कबरई सभागार में रविवार को नैनो उर्वरकों पर कार्यशाला हुई। इसमें नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के प्रयोग व लाभ पर चर्चा की गई। बताया गया कि ये नवाचार खेती की तस्वीर बदल सकते हैं।
सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता अजेंद्र सिंह मुख्य अतिथि थे। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक कृषि तकनीक ही किसानों की आय बढ़ाने का एकमात्र जरिया है। उन्होंने केंद्र प्रभारियों से नैनो डीएपी व नैनो यूरिया के फायदे किसानों को बताने का आह्वान किया। बताया कि रसायनों का संतुलित उपयोग लागत घटाता है। यह मिट्टी की उर्वरता को भी लंबे समय तक सुरक्षित रखता है। नाबार्ड के डीडीएम पुनीत कुमार ने पैक्स के कंप्यूटरीकरण पर जोर दिया। इससे कृषि सेवाएं पारदर्शी और सुलभ बनेंगी।
अपर जिला कृषि अधिकारी एसआर गुप्ता ने फसल अवशेष प्रबंधन पर बात की। उन्होंने बायो डीकंपोजर को पर्यावरण के लिए संजीवनी बताया। इफको के क्षेत्रीय अधिकारी अभिषेक कुमार ने नैनो उर्वरकों की उपयोग दक्षता बढ़ाने की जानकारी दी। उन्होंने सचिवों को इफको के अन्य उत्पादों की बिक्री से समितियों की आय बढ़ाने का सुझाव दिया। कार्यशाला में सैय्यद मजहर हाशमी, अरशद खान, मंगल सिंह, संजय सिंह समेत जिले के 80 सहकारी बिक्री केंद्र प्रभारी मौजूद रहे।