अजनर (महोबा)। ब्लॉक जैतपुर के आरी गांव में नमामि गंगे परियोजना के तहत बनाई गई पानी की टंकी शोपीस बनकर रह गई है। टंकी बनने के बावजूद आज तक गांव में नियमित जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी। गर्मी के मौसम में ग्रामीण बूंद-बूंद पानी को लेकर परेशान हैं। मजबूरी में महिलाएं एक किमी दूर स्थित हैंडपंप व कुओं से पानी लाकर प्यास बुझा रहे हैं।
ब्लॉक जैतपुर के आरी गांव की लगभग 3200 की आबादी के बीच पेयजल संकट गहरा गया है। ग्रामीण पेयजल के लिए परेशान हैं। ग्रामीण कल्लू पाठक, धीरज, रामप्यारे, जुगलकिशोर, मोनू आदि ने बताया कि कई बार विभागीय अधिकारियों से शिकायत की गई लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों का आरोप है कि अधिकारी शिकायत सुनने के बजाय सही ढंग से बात भी नहीं करते। वहीं, ग्राम प्रधान कामता ने बताया कि नमामि गंगे योजना की टंकी और पाइपलाइन से पानी नहीं मिल पा रहा है। वैकल्पिक व्यवस्था के तहत गांव के निचले हिस्से में एक छोटी टंकी रखवाई गई है। इसे गांव के बाहर लगे बोरवेल से भरवाया जाता है। इससे करीब 30 प्रतिशत ग्रामीणों को राहत मिल रही है। प्रधान ने बताया कि विभागीय स्तर पर कार्रवाई की जा चुकी है। एक-दो दिन में टैंकर की व्यवस्था कराई जाएगी। इससे गांव के ऊंचाई वाले हिस्सों में भी पेयजल उपलब्ध कराया जा सकेगा। उधर, एडीएम नमामि गंगे मोईनुल इस्लाम का कहना है कि आरी गांव में पेयजल समस्या की जानकारी मिली है। समस्या के निराकरण के लिए टीम लगा दी गई है। जो भी तकनीकी खराबी होगी उसे ठीक कर जल्द पानी की आपूर्ति शुरू करा दी जाएगी।
आरी गांव निवासी राजेश पाठक का कहना है कि गांव में पानी की समस्या है। ग्राम प्रधान की ओर से गांव के निचले इलाके में एक छोटी पानी की टंकी रखवा दी गई है लेकिन यह नाकाफी है। पूरा दिन पानी की जुगाड़ में ही गुजर जाता है। पेयजल समस्या का स्थाई समाधान होना चाहिए।
आरी गांव के गुलाब चंद्र विश्वकर्मा का कहना है कि गर्मी के मौसम में ग्रामीणों को पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है। गांव के बाहर से पानी लाना मजबूरी बना है। पानी लेने के लिए सुबह से ही लोग निकल जाते हैं। समस्या का शीघ्र समाधान कराया जाए।
आरी गांव निवासी गजराज सिंह का कहना है कि पानी की समस्या ज्यादा है। नमामि गंगे योजना की बनी टंकी से ग्रामीणों को पानी नहीं मिल पा रहा है। इससे लोग पानी के लिए परेशान हो रहे हैं। जिम्मेदार इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।