संवाद न्यूज एजेंसी
कुलपहाड़ (महोबा)। नगर पंचायत कुलपहाड़ में तालाब खुदाई के दौरान निकाली गई मिट्टी की ढुलाई के काम में हैरतअंगेज कारनामा उजागर हुआ है। नगर पंचायत ने पल्सर बाइक से ही मिट्टी की ढुलाई का काम करा डाला। आरटीआई के जवाब में दी गई सूचना से इसका खुलासा हुआ है। कारगुजारियां की कलई खुल जाने से अब नगर पंचायत के जिम्मेदारों में हड़कंप मचा है। आरटीआई कार्यकर्ता ने इसकी शिकायत डीएम मृदुल चौधरी से समाधान दिवस में की है। जिससे जिम्मेदारों की गर्दन पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है।
दरअसल नगर पंचायत की ओर से कुलपहाड़ कस्बे में स्थित किशोर सागर तालाब की खुदाई का काम कराया गया था। काम समाप्त हो जाने के बाद तालाब खुदाई से जुड़े काम व भुगतान के संबंध में आरटीआई कार्यकर्ता नवल किशोर ने सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगी थी। नगर पंचायत कुलपहाड़ की ओर से जो सूचना मुहैया कराई गई। उससे आश्चर्यचकित कर देने वाला मामला सामने आया है।
सूचना के जवाब में मिट्टी की ढुलाई में लगाए गए ट्रैक्टरों के नंबर और उनकी भुगतान राशि के विवरण के संबंध में जानकारी दी गई। जिसमें से एक ट्रैक्टर नंबर को भी मिट्टी की ढुलाई के काम में लगाने व भुगतान करने की जानकारी दी गई जबकि आरटीआई कार्यकर्ता ने जब परिवहन विभाग के पोर्टल पर इस वाहन नंबर के संबंध में जानकारी जुटाई तो वह ट्रैक्टर नहीं बल्कि पल्सर बाइक का नंबर मिला।
जिससे आरटीआई कार्यकर्ता को स्पष्ट हुआ कि मिट्टी ढुलाई के काम में जमकर खेल किया गया। बताया गया कि इस नंबर के वाहन से 250 रुपये प्रति चक्कर के हिसाब से 185 चक्कर मिट्टी की ढुलाई कराई गई। नगर पंचायत की ओर से इसका 46 हजार 250 रुपये भुगतान कर दिया गया। उधर, नगर पंचायत ईओ निर्दोष राजपूत का कहना है कि ट्रैक्टर के अंतिम तीन नंबर 560 की जगह 507 टाइप हो जाने के कारण यह भ्रम की स्थिति बनी है। भुगतान से स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।