महोबा। शहर में प्राईवेट क्लीनिक चलाने वाले डॉ. मुईन अंसारी टीबी रोगियों के लिए मसीहा है। पांच वर्ष पहले टीबी उन्मूलन अभियान में जुड़े मुईन 42 टीबी रोगियों को दवा खिलाकर ठीक कर चुके हैं। डॉट्स प्रदाता के रूप में दिनरात काम करने की ललक के चलते वर्तमान में उनका मोहल्ला टीबी मुक्त है।
शहर के मोहल्ला जुगियाना निवासी डॉ. मुईन प्राईवेट क्लीनिक चलाते हैं। पांच वर्ष पहले उन्होंने टीबी को जड़ से समाप्त करने की मुहिम शुरु की थी। टीबी रोगियों की देखरेख के साथ समय से दवा देना दिनचर्या थी। नतीजा यह हुआ कि 42 टीबी रोगी बिल्कुल ठीक हो गए। डॉ. मुईन बताते हैं कि क्लीनिक पर आने वाले मरीजों की देखभाल में सारा वक्त निकाल देते हैं। स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न अभियानों में सहयोग करते हैं।
सुबह क्लीनिक खोलने से पहले वह मरीजों को दवा खिलाने का काम करते हैं। साथ ही मरीजों को योग, व्यायाम व सुबह टहलने की सलाह देते हैं। ताकि मरीजों के फेफड़े मजबूत हो और वह जल्दी ठीक हो सके। डॉ. मुईन ने बताया कि एक वर्ष पहले टीबी पीड़ित एक युवती की शादी हरियाणा हो गई। वह लगातार मोबाइल फोन से हालचाल लेते रहे और दवा व जांच के लिए प्रेरित किया। युवती को अब टीबी रोग से पूरी तरह निजात मिल चुकी है।
जिले में है टीबी के 730 मरीज
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. जीआर रत्मेले ने बताया कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2025 तक टीबी को मूल रूप से समाप्त करने की मुहिम चला रखी है। वर्तमान में जिले में 370 टीबी मरीज है। इस अभियान को 650 डाट्स प्रदाता शामिल है। अलग-अलग श्रेणी के टीबी मरीजों को दवा खिलाने के एवज में डाट्स प्रदाताओं को शासन से प्रोत्साहन राशि भी दी जा रही है।