महोबा। शहर के गांधीनगर में पति से फोन पर हुए विवाद के बाद महिला ने एक वर्ष की बेटी को फंदे पर लटका दिया, इससे मासूम की मौत हो गई। इस दौरान महिला ने भी फंदा लगाकर आत्महत्या की कोशिश की लेकिन वह बच गई। बेटी के जन्मदिन से एक दिन पहले मासूम की जान लेने की इस घटना से हर कोई हैरान है। पुलिस ने आरोपी मां को गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी है।
गांधी नगर निवासी खुशबू (33) की शादी आठ जुलाई 2022 को कस्बा चरखारी के खंदिया निवासी अरविंद से हुई थी। शादी के दो साल बाद ही दोनों को एक बेटी हुई, उसका नाम ऋषिका रखा। शराब पीकर पति के मारपीट करने पर पांच माह पहले खुशबू मायके आ गई थी। मंगलवार की दोपहर पति से मोबाइल पर बातचीत के दौरान कहासुनी हो गई। पति ने तलाक देने और बेटी को ले जाने की बात कही। इसके बाद महिला ने कमरे में जाकर पहले मासूम बेटी को साड़ी के फंदे पर लटकाया और फिर खुद फंदा लगाकर जान देने की कोशिश की लेकिन वह लटकने की हिम्मत नहीं जुटा सकी जबकि मासूम की मौत हो गई।
करीब दो घंटे तक वह बेटी के शव को फंदे पर लटकता देखती रही। शाम करीब सात बजे उसने बेटी को फंदे से उतारकर बेड पर लिटाया। देर शाम भाई पवन को बताया कि उसने ऋशिका (बिट्टो) को मार दिया है। पुलिस को सूचना दे दो। तब परिजन मासूम को जिला अस्पताल लाए। यहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। ऋषिका 15 अक्तूबर को एक वर्ष की हो रही थी लेकिन जन्मदिन से पहले ही मां ने बेटी को मार डाला।
खुशबू की मां उमारानी ने बताया कि दामाद अरविंद बेरोजगार है। अक्सर शराब पीकर बेटी को मारता-पीटता था, जिससे परेशान होकर खुशबू बेटी के साथ मायके में थी। पति की प्रताड़ना के चलते उसकी मानसिक स्थिति भी खराब हो गई थी। पति से फोन पर झगड़ा हुआ। पति ने तलाक देने और बेटी को ले जाने की बात कही। इसके बाद खुशबू ने पहले मासूम को फंदे पर लटकाया और खुद जान देने की कोशिश की।
अपर एसपी वंदना सिंह का कहना है कि आरोपी मां को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पति-पत्नी के विवाद के चलते महिला मायके में रह रही थी। अवसाद में आकर उसने यह कदम उठाया। आगे की कार्रवाई की जा रही है।
पति बोला, पत्नी दूसरी जगह करना चाहती थी शादी
पति अरविंद ने बताया कि खुशबू अभी मायके में थी। ससुराल जाने पर वह छत से कूदकर चली जाती थी। कहती थी कि चरखारी में सबकुछ बेचकर महोबा में जमीन लेकर उसके साथ परिवार से अलग रहो। आरोप लगाया कि खुशबू के परिजन उसकी शादी दूसरी जगह करना चाहते थे। बच्ची बीच में आ रही थी तो उसकी हत्या कर दी।
न आंखों मेंं आंसू और न चेहरे पर पछतावा
मासूम बेटी की हत्या के बाद मां खुशबू की आंखों में न तो आंसू नजर आए और न ही चेहरे पर पछतावा। वह दो घंटे तक शव के पास बैठी रही। इसके बाद मासूम को फंदे से उतारकर बेड में लिटा दिया। बाद में भाई को सूचना दी और पुलिस बुलाने की बात कही। परिजन व पुलिस महिला की मानसिक स्थिति ठीक न होने की बात कह रही है।