मोहर्रम और नवरात्र पर बिजली पानी का संकट है। बिजली कटौती से देवी जागरण, भजन कीर्तन और मोहर्रम पर अलम, ढोल जुलूस व ढाल सवारियां निकालते समय मार्गों पर अंधेरा होने से लोगोें में खासा गुस्सा है। शहर में पिछले तीन दिनों से पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित है।
शनिवार को शहर की पेयजल आपूर्ति पूरी तरह ठप हो जाने से लोग पानी के लिए परेशान दिखे। पानी का संकट बढ़ने से लोगों में आक्रोश पनप रहा है। गौरतलब है कि उर्मिल बांध से पाइप लाइन के जरिए महोबा में बनाए गए तीन सीडब्ल्यूआर टैंक और एक ओवरहेड टैंक में पानी भरा जाता है। लेकिन
पिछले तीन दिनों से टैंकों में 50 फीसदी से कम पानी भरा जाने से पानी की समस्या बढ़ती जा रही है। जल निगम यांत्रिक शाखा के अधिशाषी अभियंता जेपी सिंह का कहना है कि रात में बिजली कटौती होने के कारण टैंकों में दो एमएलडी पानी कम भरा गया था। शनिवार को जनरेटर चलाकर टैंकों को भरा जा रहा है। जिससे अब पानी की पर्याप्त आपूर्ति होगी।
बांध लबालब, फिर भी पानी का संकट
इस दफा झमाझम बारिश के चलते बांधों और सरोवरों के लबालब होने के बाद भी पानी का संकट बना हुआ है। कभी पाइप लाइन टूटने कभी लाइन में लीकेज होने और कभी बिजली कटौती के चलते टैंकों में पानी न भरने का खामियाजा नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है। जिससे बांधों और सरोवारों के उफनाने के बाद उपभोक्ताओं को पानी की समस्या से जूझना पड़ रहा है।