कोतवाली क्षेत्र के ग्राम पलका में पत्नी और बच्चे की मौत से आहत एक ग्रामीण ने पेड़ में फांसी का फंदा लगाकर जान दे दी। ग्रामीण की मौत की खबर फैलते ही भीड़ जमा हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को उतारकर पंचनामा करने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
ग्राम पलका निवासी पुष्पेंद्र विश्वकर्मा (35) पुत्र हरदयाल विश्वकर्मा की पांच साल पहले शादी हुई थी। शादी के बाद डिलीवरी के दौरान उसकी पत्नी और बच्चे की मौत हो गई थी, जिससे पुष्पेंद्र को करारा झटका लगा था और वह जबसे खासा परेशान रहता था। उसने कृषि कार्य करना बंद कर दिया था। उसकी परेशानी को देखते हुए बाहर रह रहे दोनो भाईयों ने आकर उसे समझाया और दो साल पहले उसकी दूसरी शादी करा दी थी। शादी के बाद से वह परिवार के साथ हसी खुुशी से रहने लगा था। पत्नी के गर्भवती होने पर वह बेहद खुश था लेकिन किस्मत ने एक बार फिर साथ नहीं दिया। और डिलीवरी के दोरान दूसरी पत्नी और बच्चे की मौत हो गई। यह सदमा वह दोबारा बर्दास्त नहीं कर सका। और मानसिक रूप से परेशान रहने लगा। ग्रामीणों के काफी समझाने के बाद भी वह अपने गमों को भुला नहीं सका और सोमवार को उसने गांव में लगे एक पेड में फांसी लगाकर जान दे दी। घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा कर पीएम को पहुंचा दिया है।