महोबा। मारपीट और एससीएसटी एक्ट के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट तेंद्र पाल ने फैसला सुनाया। आरोप सिद्ध होने पर दोषी गणेशी को एक साल का कारावास व चार हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर 15 दिन की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
थाना पनवाड़ी के नकरा गांव निवासी सावित्री देवी ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि 13 सितंबर 2016 की शाम उसकी बेटी ज्योति हैंडपंप से पानी भरने गई थी। गांव का गणेशी वहां आ गया और पानी भरने को लेकर विवाद करने लगा। विरोध करने पर गाली गलौज करते हुए जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया और डंडे से बेटी को मारा पीटा। बाद में आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए चला गया। थाने में कार्रवाई न होने पर पीड़िता ने न्यायालय का सहारा लिया था। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की थी। अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए फैसला सुनाया।