महोबा। किशोरी से दुष्कर्म के तीन साल पुराने मामले में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम/अपर सत्र न्यायाधीश संदीप चौहान ने फैसला सुनाया। आरोप सिद्ध होने पर दोषी राहुल को 20 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 35 हजार रुपये जुर्माना लगाया। जुर्माना अदा न करने पर दो माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
थाना कबरई के एक गांव निवासी व्यक्ति ने पुलिस को तहरीर दी थी। बताया था कि दो जून 2023 की रात बिजली न आने से वह छत पर सो रहा था। घर के अन्य परिजन आंगन में लेटे थे। रात करीब तीन बजे उसकी 16 वर्षीय बेटी घर पर नहीं थी। उसने खोजबीन शुरू की लेकिन कोई पता नहीं चला। घर के सामने मकान में टेंट का सामान रखा रहता था और इसमें ताला लगा रहता था लेकिन मकान का ताला खुला होने पर संदेह हुआ।
व्यक्ति ने बताया कि उसने गेट खुलवाने की कोशिश की लेकिन वह नहीं खुला। इस पर उसने मकान मालिक को सूचना दी और उनके आने पर गेट खुल सका। मकान में गांव का ही राहुल मौजूद था और उसकी बेटी दीवार के किनारे जमीन पर बेहोश पड़ी थी। घर लाने के बाद बेटी ने होश में आने पर बताया कि राहुल उसे जबरन वहां ले गया और गलत काम किया है। उसके साथ मारपीट भी की गई। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किए। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने फैसला सुनाया।