फोटो 03 एमएएचपी 10 परिचय-चरखारी के अस्थौन गांव के पास स्थित इस अर्जुन बांध में विकसित होंगी प
महोबा। तहसील चरखारी के अस्थौन गांव के पास स्थित अर्जुन बांध को ईको टूरिज्म का हब बनाया जाएगा। शासन के निर्देश पर पर्यटन विभाग की ओर से यहां पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित की जाएंगी। ताकि, पर्यटक अर्जुन बांध की ओर आकर्षित हो सकें। इसको लेकर कवायद शुरू कर दी गई है। यदि सबकुछ ठीक-ठाक रहा तो सिंचाई विभाग की ओर से जल्द ही एनओसी दी जाएगी। इसके बाद पर्यटन विकास का काम शुरू होगा।
शासन की ओर से अर्जुन बांध को इको टूरिज्म हब के रूप में विकसित किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद अर्जुन बांध में पर्यटन विकास के तहत प्रवेश द्वार, कॉटेज, टिकट काउंटर, कैंटीन, चिल्ड्रन प्ले एरिया, इंटरप्रिटेशन सेंटर, लैंडस्केपिंग, सोलर लाइटिंग, सेल्फी प्वाइंट जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। साथ ही वोटिंग, वॉटर स्पोर्ट्स, एक्वू प्रेशर वॉकवे आदि गतिविधियां पर्यटकों को आकर्षित करेंगी। प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर जलाशय को पर्यटकों के लिए आकर्षक तरीके से तैयार किया जाएगा। सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग इस परियोजना के लिए तकनीकी सहायता और जरूरी अनुमतियां देने का काम करेगा। इस दौरान विभाग का काम यह सुनिश्चित करना होगा कि बांधों की सुरक्षा और संरचना पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े व जल क्रीड़ा गतिविधियों के लिए उपयुक्त पर्यावरण और सुरक्षा मानकों का पालन किया जाए। पर्यटन विभाग की ओर से अर्जुन बांध को ईको टूरिज्म के रूप में विकसित किए जाने को लेकर तैयारी शुरू कर दी गई है।
आएंगे देशी-विदेशी पर्यटक
महोबा। जनपद की सीमा से जुड़ी मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले का कस्बा खजुराहो विश्व पर्यटन नगरी के रूप में अपनी पहचान रखता है। देशी-विदेशी पर्यटन घूमने के लिए खजुराहो आते हैं। ऐसे में यदि तहसील चरखारी के अस्थौन गांव के पास स्थित अर्जुन बांध को ईको टूरिज्म के रूप में विकसित किया जाता है तो खजुराहो आने वाले पर्यटक यहां भी आएंगे। जिससे चरखारी क्षेत्र में पर्यटन विकास की संभावनाएं बढ़ेंगी। साथ ही स्थानीय लोगों को रोजगार भी हासिल हो सकेगा।
अर्जुन बांध को ईको टूरिज्म के रूप में विकसित किया जाना है। सिंचाई विभाग की ओर से इसको लेकर जल्द ही एनओसी दी जाएगी जबकि ईको टूरिज्म से संबंधित कार्य पर्यटन विभाग की ओर से कराया जाएगा। -मोतीलाल, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग, महोबा।