महोबा के मंगरौल खुर्द गांव में जल निगम की पानी की टंकी का निर्माण करा रहे ठेकेदार की लापरवाही ने एक बालक की जान ले ली। जबकि, दूसरा किशोर जिंदगी के लिए अस्पताल में संघर्ष कर रहा है। ठेकेदार बालक व किशोर को 50 रुपये का लालच देकर निर्माणाधीन पानी की टंकी के परिसर की बाउंड्री की तराई का काम करा रहा था।
उसी दौरान बच्चे बाउंड्री के ऊपर गुजरी 11 हजार वोल्ट के बिजली के तार की चपेट में आने से नीचे गिर गए। मंगरौल खुर्द गांव निवासी भगवान दास अहिरवार का बेटा निर्मल (11) और उसका ममेरा भाई पवा गांव निवासी अनिकेत (15) शुक्रवार को घर के पास ही निर्माणाधीन पानी की टंकी के पास खेल रहे थे।
उसी दौरान टंकी का निर्माण करा रहे ठेकेदार ने दोनों को 50-50 रुपये देने का लालच देकर बिल्डिंग की तराई के काम में लगा दिया। दोनों भाई टंकी परिसर में बनी बाउंड्री पर चढ़कर तराई कर रहे थे। उसी दौरान दोनों के सिर बाउंड्री के ऊपर से गुजरे हाईटेंशन लाइन के तार की चपेट में आ गए। करंट का झटका लगने से दोनों बाउंड्री से नीचे गिर गए।
इससे निर्मल की मौके पर ही मौत हो गई। निर्मल क्षेत्र के एक स्कूल में पांचवीं का छात्र था। वह माता-पिता की चार संतानों में दूसरे नंबर का था। वहीं, परिजन व आसपास के लोग घायल अनिकेत को सीएचसी ले गए, जहां वह जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहा है।
आईजी की मीटिंग के लिए महोबा आने के कारण घटना की जानकारी नहीं है। अगर ठेकेदार बच्चों से काम करा रहा था, तो यह बाल श्रम की श्रेणी में आता है। मृतक के परिजनों की तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज कर ठेकेदार पर कार्रवाई की जाएगी।
रविंद्र कुमार तिवारी, थानाध्यक्ष, कुलपहाड़