उत्तर प्रदेश के महोबा में श्रीनगर थाना के एक गांव में डेढ़ वर्ष पहले छात्रा से दुष्कर्म मामले में अपर सत्र न्यायाधीश (विशेष न्यायालय पॉक्सो अधिनियम) संतोष कुमार यादव ने शनिवार को फैसला सुनाया। दोषी को दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही नौ हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
जुर्माना न देने पर चार माह की अतिरिक्त सजा होगी। थाना श्रीनगर के एक गांव निवासी हाईस्कूल की 15 वर्षीय छात्रा अप्रैल 2019 को घर जा रही थी। तभी राजेश उर्फ मुन्ना ने तमंचे के बल पर छात्रा से दुष्कर्म किया और अश्लील वीडियो बना लिए। किसी को घटना की जानकारी देने पर परिवार सहित जान से मारने की धमकी दी।
डरी सहमी छात्रा ने दो माह तक परिजनों को कुछ नहीं बताया। 27 जून की शाम आरोपी ने छात्रा के चचेरे भाई के मोबाइल पर अश्लील फोटो भेजे। तब माता-पिता ने पुत्री से जानकारी ली तो उसने पूरी घटना बताई। दो जुलाई 2019 को थाना श्रीनगर में आरोपी राजेश उर्फ मुन्ना के खिलाफ दुष्कर्म व पॉक्सो अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया।
अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत में चल रहे इस मुकदमे में न्यायालय में 31 अगस्त 2019 को आरोपी राजेेश उर्फ मुन्ना के खिलाफ दुष्कर्म, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम समेत विभिन्न धाराओं में आरोप तय किया। शनिवार को अपर सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार यादव ने फैसला सुनाया। विशेष लोक अभियोजक पुष्पेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि अभियुक्त राजेश को दस वर्ष के कारावास और नौ हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई है।