हालत बिगड़ने पर अनशनकारी की जांच करते स्वास्थ्यकर्मी।
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महोबा। शहर के ऐतिहासिक कीरतसागर तालाब में मूर्ति विसर्जन के दौरान वर्ष 2017 में दो युवकों की संदिग्ध हालात में हुई मौत के मामले में राठ रोड स्थित मोक्षधाम में आमरण अनशन कर रहे वृद्ध की शुक्रवार को एक बार फिर हालत बिगड़ गई। डीएम, एसपी, एसडीएम व सीओ ने अनशनस्थल पहुंच वृद्ध को समझाने का प्रयास किया लेकिन वह न्याय न मिलने तक अनशन जारी रखने की मांग पर अड़ा रहा। प्रशासन ने अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस बुलाई लेकिन अनशनकारी ने अस्पताल जाने और दवा लेने से इंकार कर दिया।
गौरतलब है कि राठ रोड स्थित कांशीराम कॉलोनी निवासी राहुल सोनी व जितेंद्र अहिरवार के शव कीरत सागर तालाब में मिले थे। राहुल सोनी के पिता भगवतीप्रसाद सोनी ने आठ लोगों पर पुत्र व उसके साथी को पानी में डुबाकर मार डालने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की थी लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। न्याय के लिए भगवती प्रसाद ने राठ रोड स्थित श्मशान घाट परिसर में 26 जनवरी से आमरण अनशन शुरू किया था। 10 फरवरी से अनशनकारी ने अन्न के साथ जल भी त्याग दिया था। 13 फरवरी को हालत बिगड़ने पर जिला प्रशासन ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। तीन दिन पहले अनशनकारी अस्पताल से दोबारा अनशनस्थल पहुंच गया।
शुक्रवार को डीएम मनोज कुमार, एसपी सुधा सिंह ने अनशनस्थल पहुंच मांगों का निस्तारण कराने का भरोसा दिया लेकिन अनशनकारी न्याय न मिलने तक अनशन जारी रखने और मोक्षधाम में ही प्राण गंवाने की बात कहता रहा। अनशनकारी का कहना था कि प्रशासन ने कई बार आश्वासन दिए लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। बात न बनने पर डीएम-एसपी वापस लौट आए। 23 दिन से अनशन कर रहे भगवती प्रसाद की हालत बिगड़ने पर डॉक्टरों की टीम ने चेकअप किया।