बिना फॉग लाइट के रवानगी के लिए खड़ी बस।
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महोबा। रोडवेज की 75 बसें घने कोहरे में बिना फॉग लाइट के ही दौड़ रही हैं। इस कारण हादसा होने का डर है। विभागीय अधिकारियों ने खटारा बसों की मरम्मत कराने के लिए पत्र भेजा, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हो सका है। सहालग शुरू होने के बाद यात्रियों की संख्या बढ़ी है, लेकिन लोग खटारा बसों से सफर करने के लिए मजबूर हैं।
महोबा से दिल्ली, लखनऊ व छतरपुर, बांदा, कानपुर रूट पर लोगों का आवागमन अधिक है। लंबे रूट पर यात्रियों को लेकर दौड़ रहीं रोडवेज डिपो की बसों में घना कोहरा छाए रहने के बाद भी फॉग लाइटें नहीं लगाई जा सकी हैं। सप्ताहभर से घना कोहरा होने के कारण लखनऊ, दिल्ली रूट पर चालक धीमी गति से बसें लेकर आ-जा रहे हैं। लखनऊ रूट पर चलने वाले चालक जूलियस मसीह ने बताया कि बसों में अब तक फॉग लाइट नहीं लगाई गईं हैं। जिससे कुहासे में कुछ भी नहीं दिखाई देता है। खुद ही इंतजाम करना पड़ता है। उच्च अधिकारियों को सभी समस्याओं से अवगत करा दिया गया है लेकिन कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
बसों से प्राथमिक उपचार किट गायब
लखनऊ, दिल्ली व लोकल रूट पर दौड़ने वाली रोडवेज की बसों में चालक की सीट के पीछे प्राथमिक उपचार किट गायब रहती है। अगर कहीं दुर्घटना हो जाए तो मरहम-पट्टी भी ढूंढे नहीं मिलेगा। बसों से किट गायब होने पर ड्राइवर व परिचालक विभागीय अधिकारियों को गोलमोल जवाब दे रहे हैं।
अधिकारी बोले
डिपो में जो भी खस्ताहाल बसें हैं उनकी मरम्मत कराई जा रही है। लांग रूट बसों में फॉग लाइट लगा दी गईं हैं। लोकल रूट की बसें दिन में चलने के बाद खड़ी हो जाती हैं। जिन बसों में नहीं लगी हैं उनमें फॉग लाइट लगवाई जा रही है।
-हेमंत मिश्रा, एआरएम