महोबा। कोतवाली चरखारी के इमिलियाडांग गांव में एक और प्रवासी श्रमिक के कोरोना पॉजिटिव मिला है। इससे हड़कंप मच गया। प्रशासनिक अधिकारियों ने गांव पहुंचकर उसके घर और आसपास की गलियों को सैनिटाइज कराकर बैरिकेडिंग कराकर 400 मीटर तक का इलाका सील कर दिया। युवक को एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज बांदा भेज गया है।
इमिलियाडांग निवासी 28 वर्षीय युवक गाजियाबाद में मजदूरी करता था। 22 मई को विशेष ट्रेन से महोबा लौटा था। उसे शेल्टर हाउस एससीएसटी छात्रावास महोबा में ठहराया गया था। इसके बाद उसका नमूना जांच के लिए मेडिकल लैब भेजा गया था। पांच दिन बाद श्रमिक को शेल्टर हाउस से घर भेज दिया गया था। शुक्रवार को उसकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई। सूचना पर एसडीएम चरखारी राकेश कुमार और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर श्रमिक के घर के साथ ही आसपास की गलियों को सैनिटाइज कराया। साथ ही पुलिस ने गांव को सील कर दिया।
श्रमिक को मेडिकल कॉलेज बांदा में आइसोलेटेड करा दिया गया। इसकी पुष्टि सीएमओ डॉ. सुमन ने की। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने श्रमिक के पूरे परिवार को महोबा लाकर जांच कराई। फिर सभी को शेल्टर हाउस भेज दिया। जिले में अब तक 12 कोरोना पॉजिटिव मरीज मिल चुके हैं। इसमें से एक कोरोना पॉजिटिव बैंककर्मी की मौत हो चुकी है। तीन ठीक हो चुके हैं। आठ का बांदा में उपचार चल रहा है। मरीजों में 12 में से नौ प्रवासी श्रमिक हैं।