महोबा। अधिवक्ता मुकेश कुमार पाठक की खुदकुशी की मुख्य वजह आरोपी के 60 लाख रुपये वसूले जाने और रिपोर्ट दर्ज कराने की धमकी देना माना जा रहा है।
अधिवक्ता के छोटे बेटे शिवम का एक दोस्त जुएं में तीन लाख रुपये हार गया था।
फड़ चलाने वाले कबरई ब्लॉक प्रमुख व प्रसपा के प्रदेश महासचिव छत्रपाल यादव के साथी विक्रम यादव, रवि सोनी, आनंद मोहन यादव व अंकित सोनी ने उसे ब्याज पर तीन लाख रुपये दिए थे। यह पैसा न चुका पाने पर आरोपी उस पर दबाव बनाने लगे। तब शिवम ने दस दिन में उधारी चुकाने की जिम्मेदारी ली थी। इधर तय समय पर पैसा न दे पाने पर ब्याज बढ़ता गया।
मार्च 2020 में शिवम ने अपनी माता और पिता के हस्ताक्षर युक्त चेक लेकर बैंक जा रहा था। इस दौरान आरोपी उसे धमका कर अपने साथ ले गए और मारपीट कर नगदी व चेक छीन ली थी।
मार्च से मई 2020 के बीच आरोपियों ने 60 लाख रुपये वसूले। इनमें 57 लाख रुपये ब्याज था। इसकी जानकारी होने पर मुकेश ने पुलिस के आला अफसरों से लिखित शिकायत की, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
मुकेश ने कोतवाली नगर में सात फरवरी 2021 को छत्रपाल यादव समेत पांच लोगों पर 60 लाख रुपये वसूलने व धमकी देने का मामला दर्ज कराया। इसके बाद पुलिस बयान और साक्ष्य जुटाने की कवायद में लग गई।
उधर, छत्रपाल व उसके नामजद साथियों की गिरफ्तारी न होने और धमकी से परेशान अधिवक्ता मुकेश ने 13 फरवरी की रात अपनी लाइसेंसी रायफल से गोली मारकर आत्महत्या कर ली।
मुकेश के बड़े बेटे राहुल का आरोप है कि ब्लॉक प्रमुख और उसके साथी जुआं व सट्टे का कारोबार करते हैं। जो एक बार उनके चंगुल में किसी भी तरह से फंस गया। वह जिंदगी भर के लिए कर्जदार हो जाता है।
पिता ने आवाज उठाई तो उन्हें धमकाया गया। इससे परेशान होकर पिता ने आत्महत्या कर ली। मामले में कोतवाली प्रभारी अनूप कुमार दुबे का कहना है कि एफआईआर में 60 लाख रुपये वसूले जाने की बात कही गई है। आरोपियों से कितनी रकम उधार ली गई थी। ब्याज के मद में कितना धन दिया। इन बिंदुओं पर जांच की जा रही है।
बीमार होने पर पिता ने किया था चेक पर हस्ताक्षर
मार्च 2020 में अधिवक्ता मुकेश पाठक को अटैक पड़ गया था। पांच माह तक उनका इलाज कानपुर के एक अस्पताल में चलता रहा। बीमार होने पर पिता ने चेक पर हस्ताक्षर कर दिए थे। ताकि इलाज में जरूरत पड़ने पर बेटा पैसे निकाल सके।
आरोपियों ने शिवम से माता-पिता की हस्ताक्षर युक्त चेक छीनीं और अधिवक्ता की पत्नी के खाते से 26 मई 2020 को ब्लाक प्रमुख के साले आनंद मोहन के खाते में पांच लाख रुपये ट्रांसफर कराए गए। अधिवक्ता के बीमार होने के चलते वह इस ओर ध्यान नहीं दे सका और आरोपी बेटे से पैसे वसूलते रहे।