जार-ए-अकदस पर फातिहा पढ़ते अकीदतमंद
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महोबा। हजरत निजामुद्दीन औलिया का सालाना उर्स धूमधाम से मनाया गया। अकीदतमंदों ने मजार-ए-अकदस पर पहुंचकर मन्नतें मांगी और फातिहा पढ़ा। इस मौके पर मुस्लिमों के अलावा हिंदू भाइयों ने भी बढ़चढ़कर हिस्सा लिया। देर रात तक हुई सूफियाना कव्वाली का लोगों ने लुत्फ उठाया। सलीम खां के आवास से डीजे के साथ चादर जुलूस निकाला गया। चादर जुलूस परंपरागत मार्गों से होता हुआ मंगलवार की रात में करीब नौ बजे मजार पर पहुंचा।
जहां पर नारा-ए-तकबीर, अल्लाहो अकबर की सदाओं के बीच चादर चढ़ाई गई। इसके बाद फातिहा हुआ। फातिहा खत्म होने के बाद रात में ही कव्वाली कार्यक्रम शुरू हुई। मौदहा से आए मशहूर कव्वाल मुईन ने अपने साथियों के साथ सूफियाना कव्वाली पेेश की। सूफियाना कव्वालियों का बुजुर्गों ने भी आनंद लिया। फजिर की नमाज के बाद मजार-ए-अकदस पर कुरानख्वानी हुई। जहां पर लोगों ने कुरान पढ़ा। बुधवार की करीब दो बजे मजार पर उर्स का आयोजन किया गया। जहां पर फातिहा के बाद लंगर शुरू हुआ और देर शाम तक चलता रहा। गरीब वर्ग से लेकर सभी वर्ग के लोगों ने लंगर चखा। उर्स में मोहम्मद नौशाद खां उर्फ राजा, हसीन उर्फ भोलू, अतीकुर्रहमान खां, हबीब उर्फ बल्लू सहित तमाम लोगों ने हिस्सा लिया।