विश्व हिंदू परिषद के जिला संरक्षक और नरसिंह कुटी मंदिर के महंत विशंभरदास (70) का गुरुवार सुबह छह बजे कानपुर के गुरु तेगबहादुर अस्पताल में निधन हो गया। सात दिन पहले उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। दोपहर 12 बजे उसका पार्थिव शरीर महोबा लाया गया, जहां शोक की लहर दौड़ गई। अंतिम यात्रा में जनप्रतिनिधियों के अलावा समाजसेवी, आरएसएस, विभिन्न हिंदू संगठन के पदाधिकारी शामिल हुए। नरसिंह कुटी मंदिर के महंत विशंभरदास के निधन की खबर फैलते ही पूरा नगर शोक में डूब गया।
उनका शव रामजानकी मंदिर के बाहर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। महंत जी के अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भीड़ जुटी रही। दोपहर बाद शहर में महंत की अंतिम यात्रा आल्हा चौक, पालीवाल मार्केट, रोडवेज बस स्टैंड होते हुए गुजरी। बाद में नरसिंह कुटी मंदिर प्रांगण में समाधि दी गई। इधर, महंत के निधन से जिले के व्यापारियों ने प्रतिष्ठान बंद रखे।
भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष बाबूराम निषाद, सांसद पुष्पेंद्र सिंह चंदेल, पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत, पूर्व सांसद राकेश गोस्वामी, नीरज रावत, समाजसेवी दाऊ तिवारी, रामजी गुप्ता, शिवकुमार गोस्वामी, आशीष महाराज, सपा नेता मोहम्मद शाहिद उर्फ राजू, सत्येंद्र गुप्ता आदि शामिल हुए।