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झमाझम बारिश से मदन सागर की बंधान टूटने का खतरा

Sat, 08 Jul 2017 10:39 PM IST
महोबा
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बंधान की मरम्मत के नाम पर बनाई गई पट्टी। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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पिछले वर्ष हुई भारी बारिश से शहर के ऐतिहासिक मदन सागर तालाब उफनाने और बंधान टूटने के बाद भी प्रशासन ने कोई ठोस उपाय नहीं किया। टूटे बंधान की मरम्मत के नाम पर खानापूरी की गई। लोगों का कहना है कि यदि इस दफा भी भारी बारिश हुई तो तालाब का बंधान टूट सकता है।  


पिछले वर्ष हुई भारी बारिश से शहर के ऐतिहासिक तालाब लबालब हो गए थे। मदन सागर तालाब में अधिक पानी आने से तालाब उफना गया था और बंधान कट जाने से पानी का रिसाव शुरू हो गया था। तब जिले के प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने बालू की बोरिया डलवाकर पानी का बहाव रोका था। बंधान टूटने की आशंका के चलते  एनडीआरएफ टीम ने महोबा में डेरा डालकर राहत व बचाव कार्य की तैयारी की थी। हालांकि उसके बाद बारिश न होने खतरा टल गया था।
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टूटे बंधान की मरम्मत कराए जाने को लेकर नागरिकों ने कई बार प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत कराया। एक पखवारे पहले बंधान की मरम्मत कराई गई। मरम्मत के नाम पर ठेकेदार ने पत्थर व सीमेंट की पतली पट्टी बनाकर खानापूरी कर दी। इससे इस बार भारी बारिश होने से एक बार फिर बंधान टूटने का खतरा है।

यदि तालाब उफनाया या बंधान टूटा तो शहर के मोहल्ला पनागरपुरा, शेखनपुरा, इमलीबरा, लंघानपुरा, महतवाना पुरा, ढलैतन पुरा, नियारियनपुरा मगरियापुरा सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे। मोहल्लावासी सामाजिक कार्यकर्ता केसी खरे, रामेश्वर चौरसिया, लक्ष्मीचंद्र, प्यारेलाल अनुरागी, राकेश चौरसिया आदि ने बताया कि पत्थरों ने सीमेंट छोड़ दिया है, जिससे दरारें आ गई है।
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उन्होंने बंधान की मरम्मत दोबारा कराए जाने की मांग की है  सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता दिग्विजय सिंह का कहना है कि एक दिन पहले मैंने कार्यभार ग्रहण किया है। अभी मामला मेरे संज्ञान में नहीं है फिर भी मामले की जांच कराई जाएगी।
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