अन्ना पशुओं की बाढ़ आ जाने से किसानों को अपनी फसल बचाना मुश्किल
हो गया है। हालत यह है कि अब जानवरो से फसल बचाने के लिए किसानों ने घर
द्वार छोड़कर खेताें में डेरा जमा लिया है। किसान बारी बारी से पूरी रात
जागकर फसल की रखवाली कर रहे हैें।
जिले में 2.36 लाख हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि है। सूखा पड़ जाने से किसानों ने 10 से 15 प्रतिशत भूमि पर रवी की फसल की बुआई की थी। चारों तरफ मीलों दूर तक खेत खाली हैं। इलाकाई किसानों ने बताया कि जो थोड़ी बहुत फसल बोई गई है उसे बचाना अब जंग जीतने से कम नही है।
भारी संख्या में घूम रहे भूखे प्यासे पशुओं के झुंड पूरे खेत को उजाड़ देते हैं। इस कारण किसानों ने खेतों में ही डेरा जमा लिया है। वे रात दिन खेत पर रहकर फसलों को बचाने का प्रयास कर रहे हैं।