महोबा। 70 और इससे अधिक आयु के बुजुर्गों के इलाज की व्यवस्था करनी है, तो उनके आधार को परिजनों के एक मोबाइल नंबर से लिंक कराएं। इसके बाद नजदीकी सीएचसी, पीएचसी या आरोग्य मंदिर पहुंचकर आयुष्मान कार्ड प्राप्त करने के लिए प्रक्रिया पूरी करें। आयुष्मान कार्ड बनने के बाद जरूरत पड़ने पर हर साल पांच लाख रुपये तक का इलाज बुजुर्गों को मिलेगा।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जनपद में बुधवार तक अधिक से अधिक आयुष्मान कार्ड बनाने का अभियान चलाया जा रहा है। घरों में मौजूद 70 वर्ष या फिर इससे अधिक आयु के बुजुर्गों के इलाज की व्यवस्था के लिए उनके आधार कार्ड पर एक मोबाइल नंबर लिंक कराकर उनका आयुष्मान कार्ड जारी करा सकते हैं। इसके लिए उन्हें बुजुर्गों को लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, आयुष्मान आरोग्य मंदिर, ग्राम पंचायत भवन लेकर जाना होगा। यदि वृद्ध वहां नहीं जा सकते हैं तो गांव की आशा, एएनएम, संगिनी के माध्यम से यह प्रक्रिया पूरी कराई जा सकती है। नजदीक के जनसेवा केंद्र से भी यह कार्य पूरा किया जा सकता है। बुजुर्गों के आयुष्मान कार्ड बनने से उन्हें जरूरत पड़ने पर हर साल पांच लाख रुपये तक का इलाज मुफ्त में मिल सकता है। इससे आने वाले समय में परिजनों को इलाज के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा।
जिला कार्यक्रम समन्वयक डॉ. योगिता ने बताया कि आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए विभाग की ओर से टीमें भी गांव-गांव भ्रमण कर आयुष्मान लाभार्थियों से संपर्क कर उनका कार्ड बनवाने का काम कर रही है। 70 वर्ष और इससे अधिक आयु के बुजुर्ग जिनका कार्ड अभी नहीं बन सका है, वह अपने नजदीक के सरकारी अस्पताल से संपर्क कर इसका लाभ ले सकते हैं। इसके लिए उन्हें सबसे पहले अपने आधार कार्ड में अपना या किसी एक परिजन का नंबर लिंक कराना होगा और जरूरत पड़ने पर फोटो भी अपडेट कराएं।
16 हजार से अधिक बुजुर्गों का बन चुका है आयुष्मान कार्ड
महोबा। स्वास्थ्य विभाग को 70 वर्ष व इससे अधिक आयु के बुजुर्गों के आयुष्मान कार्ड बनाने का जो लक्ष्य दिया गया है वह 25803 है। इसके सापेक्ष अब तक विभाग की ओर से 16323 कार्ड बनाए जा चुके हैं जबकि सामान्य आयुष्मान कार्ड लाभार्थियों की संख्या 4.25 लाख है और इसके सापेक्ष अब तक 2.60 लाख कार्ड बनाए जा चुके हैं। आयुष्मान कार्ड बनाने का काम जनपद के करीब 80 आयुष्मान आरोग्य मंदिर, नौ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व करीब 14 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में हो रहा है। इसके अलावा ग्राम पंचायत भवन में और आशा बहू, एएनएम, स्वास्थ्य संगिनी के जरिए भी कार्ड बनाने में मदद ली जा सकती है।