फोटो 27 एमएएचपी 29 परिचय-मवई गांव में बूंदाबांदी से बचाने के लिए मड़ाई के लिए रखी फसल को पालिथी
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महोबा। नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से शुक्रवार को बुंदेलखंड की पठारी धरती पर मौसम में बदलाव देखने को मिला। दोपहर के समय अचानक बादल छाने के साथ ही हल्की बूंदा-बांदी हुई। साथ ही तेज हवाएं चलती रहीं। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई। खेतों में मड़ाई के लिए रखी गेहूं की फसल को बचाने के लिए किसान पॉलिथीन ढकते नजर आए।
इस दौरान मौसम का अधिकतम तापमान 34 डिग्री जबकि न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं आर्द्रता 35 फीसदी और हवाओं की रफ्तार 15 किमी प्रतिघंटा दर्ज की गई। जनपद में इस बार रबी सीजन के दौरान करीब 2.32 लाख हेक्टेयर पर फसल बोई गई। जिसमें एक लाख दो हजार हेक्टेयर में गेहूं, 40 हजार हेक्टेयर में सरसों, 70 हजार हेक्टेयर में मटर और 20 हजार हेक्टेयर पर चना की फसल बोई गई थी। सरसों की फसल पहले ही कट चुकी है। अचानक तेज हवाओं के साथ बूंदाबांदी शुरू होने किसान परेशान नजर आए। उधर, कृषि विज्ञान केंद्र बेलाताल के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. रजनीश मिश्रा का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से शुक्रवार को फिर से वातावरण में बदलाव देखने को मिला। तेज हवाएं भी चलती रहीं। कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी भी हुई है। आगामी एक-दो दिन ऐसा ही मौसम रहने के आसार हैं।