महोबा। अपर जिला सत्र न्यायाधीश ने लूट और हत्या के मामले में चार लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 40-40 हजार रुपये का जुर्माना ठोका। अदालत ने दोषियों को पुलिस हिरासत में जेल भेज दिया है।
30 सितंबर 2000 को थाना पनवाड़ी ग्राम बैंदो निवासी बालकिशन सोनी अपने चाचा अशोक कुमार सोनी के साथ राठ से जेवर खरीदने गए थे।
अशोक कुमार वही रुक गया था जबकि बालकिशन लौट आया था। अगले दिन लौटते समय बदमाशों ने अशोक कुमार को जीप कार से घर छोड़ने के बहाने रास्ते में उसके साथ लूटपाट कर हत्या कर दी थी। साक्ष्य को मिटाने के लिए उसका शव नहर में फेंक दिया था। दो दिन तक घर न आने पर परिजनों ने तलाश की तो अशोक कुमार का शव नहर में पड़ा मिला। घर वालों ने उसकी शिनाख्त की। कुछ लोगों ने बताया कि अशोक कुमार बबलू उर्फ नूर मोहम्मद, अखलाक, फारूख आदि की कार में देखा गया था, जिस पर पुलिस ने छापामार कर दोनों यहां से लूटा गया जेवर बरामद किया। इसके बाद न्यायालय में चार्जशीट पेश कर दी।
सोमवार को अपर जिला जज विजय शंकर उपाध्याय ने दोनों पक्षों की बहस सुनी। इस मुकदमे में सारे गवाह मुकर गए थे लेकिन अदालत ने घर में बरामद किए गए सोने चांदी के जेवरात को आधार मानते हुए और शासकीय अधिवक्ता द्वारा पेश की गई दलील के आधार पर आरोपियों को हत्या और लूट का दोषी ठहराते हुए बब्लू उर्फ नूर मोहम्मद, अखलाक , फारूख, मुमताज निवासी पनवाड़ी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। उन पर 25-25 हजार का जुर्माना ठोका। जुर्माना न देने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। इस मुकदमे की पैरवी सरकार पक्ष की ओर से शासकीय अधिवक्ता प्रमोद पालीवाल ने की।