महोबा। बुंदेलखंड में सूखे से लोगों को दो जून की रोटी भी नहीं मिल रही है। इससे बीपीएल कार्डधारक राशन के लिए कोटेदारों के चक्कर लगा रहे हैं। इसके बाद भी उनको राशन नहीं दिया जा रहा है। उससे उनको भयंकर संकट से जूझना पड़ रहा है।
बुंदेलखंड में सूखे से हालात खराब होते जा रहे हैं। गरीबों को खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत दो रुपये किलो गेहूं और तीन रुपये किलो चावल दिया जाता है। जिलाधिकारी के निर्देश पर गांव-गांव में गेहूं और चावल का वितरण कराया गया लेकिन शहर में 50 फीसदी से ज्यादा लोगों के पास कार्ड नहीं है जिससे उन्हें कोटेदारों ने गेहूं चावल देने से साफ मना कर दिया है। एपीएल कार्डधारकों को पहले पांच किलो गेहूं प्रति कार्ड पर मिलता था लेकिन अब कोटेदारों ने उन्हें गेहूं चावल देना बंद कर दिया है। कोटेदारों का कहना है कि जिसका सूची में नाम होगा उसी को खाद्य सामग्री मिलेगी।
एपीएल कार्डधारकों को खाद्य सुरक्षा कानून में शामिल किया गया है। इसलिए अब पीले कार्ड पर खाद्यान्न नहीं मिल रहा है। शहर में 64 फीसदी लोगों को खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत शामिल किया जाना है। जिसका नाम खाद्य सुरक्षा में शामिल न हुआ हो वह डीएसओ कार्यालय में फार्म जमा करके कार्ड बनवा सकते हैं।
कमलेश कुमार गुप्ता, जिला पूर्ति अधिकारी महोबा।