महोबा। बैंकिंग, बीमा, बिजली समेत विभिन्न विभागों के कर्मचारी बुधवार को राष्ट्रव्यापी हड़ताल के समर्थन में रहे। कर्मचारियों ने निजीकरण के विरोध में सड़कों पर उतर प्रदर्शन किया। इस दौरान सरकार के इस फैसले पर नाराजगी जताते हुए मांगे पूरी न होने पर आरपार की लड़ाई की चेतावनी दी। कर्मचारियों की हड़ताल से काम प्रभावित रहा।
इंडियन बैंक इंप्लाइज यूनियन के चेयरमैन जयपाल सिंह परिहार व अध्यक्ष आगाज अली के नेतृत्व में शहर के आल्हा चौक में प्रदर्शन कर विरोध जताया। उन्होंने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और बीमा कंपनियों के निजीकरण को गलत बताया। कर्मचारियों ने आउटसोर्सिंग और संविदा आधारित नियुक्तियों पर रोक लगाने, पुरानी पेंशन योजना बहाल करने समेत विभिन्न मांगोंं को लेकर आवाज बुलंद की।
इस मौके पर जिलामंत्री अमित चंसौरिया, सुरेंद्र कुमार, नरेंंद्र सिंह, महेंद्र, प्रदीप कुमार, अंकिता, नेहा, सरिता, ताइबा खातून आदि मौजूद रहे। इसी तरह कानपुर डिवीजन इंश्योरेंस इंप्लाइज एसोसिएशन के बैनर तले बीमा कर्मियों ने एलआईसी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर विरोध जताया। उन्होंने तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के पदों पर शीघ्र भर्ती करने, पुरानी पेंशन बहाल करने, बीमा क्षेत्र में शत-प्रतिशत एफडीआई पर रोक लगाने, ठेकेदारी प्रथा समाप्त करने और निजीकरण पर रोक लगाए जाने की मांग की। इस दौरान शाखा सचिव सुरेश सोनी, तंजीम अख्तर, देवीदीन, कमलेश, अखिलेश, शिवा कांत, सचिन, राहुल, सौरभ आदि मौजूद रहे।
निजीकरण के विरोध में संयुक्त संघर्ष समिति, जूनियर इंजीनियर संघ व किसान संगठनों ने कीरत सागर पावर हाउस पर हड़ताल कर विरोध जताया। जूनियर इंजीनियर संघ के अध्यक्ष प्रवीण यादव ने कहा कि निजीकरण किसी भी सूरत में जनता के हित में नही हैं। इससे लोगों को अधिक दरों पर बिजली मिलेगी। सरकार पूंजीपतियों को बढ़ावा दे रही है।
यदि, सरकार निजीकरण के मसौदे को वापस नहीं लेती तो सभी कर्मचारी जेल भरो आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। हड़ताल में भारतीय किसान यूनियन, बुंदेलखंड किसान यूनियन, हलधर किसान यूनियन और जय जवान जय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने भी समर्थन दिया।
इस मौके पर जनपद सचिव देवकीनंदन, देवेंद्र तिवारी, नवीन सिंह, गौरव प्रकाश, अजय कुमार, अनिल कुमार के अलावा किसान यूनियन के पदाधिकारी जनक सिंह परिहार, इशाक खान, ईश्वरी प्रसाद तिवारी, माधुरी दीक्षित, गुलाब राजपूत आदि शामिल रहे।