महोबा। वर्षाकाल के 43 दिन गुजरने के बाद भी जिले के छह में से तीन बांध अभी भी प्यासे हैं। इन बांधों में पर्याप्त पानी नहीं आ सका।
मझगवां, कबरई और उर्मिल बांध का जलस्तर अपने अधिकतम भंडारण क्षमता से अभी काफी नीचे है। हालांकि, लहचूरा व अर्जुन बांध की स्थिति बेहतर है। वहीं, चंद्रावल बांध अपनी अधिकतम भंडारण क्षमता से करीब तीन मीटर नीचे है।
यूपी-एमपी की सीमा पर स्थित उर्मिल बांध से महोबा शहर में पेयजल आपूर्ति मुहैया कराई जाती है। यह बांध इस बार भी पूरी तरह नहीं भर पा रहा है। मानसून सत्र के दौरान यह बांध पूरी तरह नहीं भर पाया तो आने वाले समय में शहरवासियों को एक बार फिर पेयजल संकट से जूझना पड़ सकता है। मझगवां में भी काफी कम पानी है।
वहीं एमपी क्षेत्र में हो रही बारिश का पानी लहचूरा बांध के लिए संजीवनी बना है। लहचूरा बांध फुल हो जाने के बाद इस बांध से नहर के माध्यम से अर्जुन बांध को पानी भेजा रहा है। अर्जुन बांध के फुल होने के बाद ही कबरई बांध को भरने के लिए अर्जुन सहायक नहर में आगे से पानी छोड़ा जाएगा।
उधर, लहचूरा बांध के जेई रामआसरे यादव का कहना है कि नहर के माध्यम से अर्जुन बांध को भरने के लिए एक फाटक को खोला गया है।