महोबा। जहर खाने से श्रमिक की हालत बिगड़ने पर परिजन सीएचसी कबरई ले गए। कुछ देर उपचार के बाद डॉक्टर ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया लेकिन रास्ते में ही उसकी की मौत हो गई। परिजनों ने सीएचसी में तैनात चिकित्सक पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगा हंगामा किया। मामले की शिकायत सीएमओ से की गई है।
थाना कबरई के कैमाहा गांव निवासी नंदू (56) मेहनत-मजदूरी करके परिवार का भरण-पोषण करता था। शनिवार की दोपहर करीब 12 बजे श्रमिक ने घर में किसी के मौजूद न होने पर जहर खा लिया। परिजन उसे सीएचसी कबरई ले गए। जहां कुछ देर उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
मृतक के भाई हरीदास व चचेरे भाई चुनुवाद का आरोप है कि जब वह नंदू को सीएचसी लेकर पहुंचे तो डॉक्टर ने इलाज के बाद हालत में सुधार होने की बात कही लेकिन बाद में अचानक रेफर कर दिया और कोई इलाज नहीं किया गया। जिससे उसकी मौत हो गई। मामले की शिकायत सीएमओ डॉ. सुधाकर प्रसाद पांडेय से की गई है।
सीएचसी कबरई के प्रभारी डॉ. गौरव पटेल का कहना है कि नंदू सल्फास खाकर अस्पताल आया था। नमक-पानी का घोल पिलाने का प्रयास किया गया लेकिन उसने नहीं पिया। तब उसे महोबा रेफर किया गया। आरोप बेबुनियाद हैं।