निजीकरण के विरोध में धरने पर बैठे बिजली कर्मचारी
- फोटो : MAHOBA
महोबा। विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के निजीकरण किए जाने के विरोध में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उप्र शाखा महोबा के तत्वावधान में जिलेभर के बिजली कर्मचारियों ने कीरत सागर स्थित उपखंड परिसर में कार्य बहिष्कार कर धरना प्रदर्शन कर विरोध जताया।
संघर्ष समिति के अध्यक्ष अनूप कुमार सिंह ने कहा कि निजी हाथों में व्यवस्था सौंपने से बिजली व्यवस्था और अच्छी हो सकती है, लेकिन उनके द्वारा जो जनता और किसानों का शोषण होगा, उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी। विभागीय कर्मचारियों को तो कोई नौकरी पर भी नहीं रखेगा। बिजली कर्मचारी संघ के जोनल अध्यक्ष अमीनुद्दीन ने कहा कि निजीकरण किसी भी प्रकार से प्रदेश के किसानों व आम जनता के हित में नहीं है। सरकार निजी कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए निजीकरण करने का प्रयास कर रही है।
जूनियर इंजीनियर संगठन के अध्यक्ष प्रवीण कुमार ने कहा कि निजी कंपनी, लागत मूल्य से कम मूल्य पर किसी भी उपभोक्ता को बिजली नहीं देगी। किसानों और गरीबों के लिए 500 यूनिट प्रतिमाह बिजली खर्च करने वाले उपभोक्ताओं को पावर कार्पोरेशन घाटा उठाकर बिजली देता है, लेकिन अब निजीकरण के बाद स्वाभाविक तौर पर उपभोक्ताओं को बिजली महंगी मिलेेगी। कर्मचारियों ने अविलंब निजीकरण निरस्त किए जाने की मांग की। धरने में अनुपम श्रीवास्तव, शैलेंद्र कुमार धीरानन, रवि अग्रवाल, देवकीनंदन, संजय सागर, फसाहत अली, रजत, हेमंत, अनीस अहमद, जुनैद अहमद, आकाश सिंह, शिशुपाल, मो. अहमद, इरशाद अहमद, कपिल देव सहित तमाम बिजली अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।