संयुक्त निदेशक कृषि लखनऊ ने बुंदेलखंड में सूखे से बर्बाद हो रही फसल का गांव में जाकर जायजा लिया। किसानों ने दस फीसदी फसल की बुवाई होने की बात बताते हुए पानी न मिलने से बोई गई फसल भी बर्बाद होने की जानकारी दी।
संयुक्त निदेशक कृषि लखनऊ आनंद कुमार त्रिपाठी रविवार को कृषि अधिकारियों के साथ ब्लाक पनवाड़ी के ग्राम भरवारा पहुंचे और खेतों में बोई गई फसलों का जायजा लिया। निरीक्षण दौरान संयुक्त निदेशक ने पाया कि जिले में सूखे के चलते हालात खराब है। इतना ही नहीं बोई गई फसल भी पानी न मिलने से सूख गई है।
संयुक्त निदेशक ने चौपाल लगाकर किसानों को देशी खाद का उपयोग करने की सलाह दी। कहा कि जैविक खेती का प्रयोग करें। कहा कि रासायनिक खाद का प्रयोग करने से खेतों की उत्पादन क्षमता कम हो जाती है। कहा कि रासायनिक खाद का प्रयोग करने का मतलब जमीन में नमक और तेजाब डालना।
कहा कि सरकार 75 प्रतिशत अनुदान पर कुओं में सौर ऊर्जा प्लांट लगा रही है, जिससे किसानों को डीजल से राहत मिलेगी। कहा कि अन्ना जानवरों से फसल बचाने के लिए खेतों की मेड़ पर करोदे के पेड़ लगाएं, इससे फल मिलने के साथ - साथ अन्ना जानवरों से निजात मिलेगी। जिला कृषि अधिकारी केके सिंह, किसान सहायक प्रहलाद सिंह सहित ग्रामीण मौजूद रहे।