जिला अस्पताल केमुख्य गेट पर नवनिर्मित नाला
- फोटो : MAHOBA
महोबा। जिला अस्पताल में जलभराव की समस्या विकराल होती जा रही है। तेज बारिश होने पर पानी के बहाव के साथ अस्पताल परिसर में कीड़े मकोड़े भी पहुंचने लगे हैं। इससे मरीजों व तीमारदारों में खासी दहशत है। अस्पताल में पानी रोकने के लिए किए गए सारे इंतजाम बेअसर साबित हुए। अस्पताल परिसर के बाहर नाला निर्माण व इमरजेंसी वार्ड के बाहर बनाई गई दो फिट ऊंची दीवार भी पानी नहीं रोक सकी।
शनिवार को करीब डेढ़ घंटे हुई तेज बारिश से जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की पोल खुल गई। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की अनदेखी के चलते लोगों को सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इमरजेंसी के बाहर दो दो फीट ऊंची दीवार बना देने से गंभीर मरीज स्ट्रेचर से इमरजेंसी वार्ड तक नही पहुंच पा रहे हैं।
इससे तीमारदारों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. आरपी मिश्रा का कहना है कि जिला अस्पताल का उच्चीकरण कराने के लिए शासन स्तर पर लिखापढ़ी की गई है। बजट मिलने पर उच्चीकरण कराकर जलभराव की समस्या को रोका जाएगा।
सड़क से चार फीट नीचे हो गया अस्पताल का फर्श : 55 साल पहले बनाए गए संयुक्त चिकित्सालय का फर्श सड़क से चार फीट से ज्यादा ऊंचा बनाया गया था लेकिन सड़क की समय समय पर ऊंचाई बढ़ती गई और जिला अस्पताल का फर्श नीचा हो जाने से अस्पताल में जलभराव की समस्या बढ़ गई है। 55 साल बाद भी इमारत जस की तस बनी है लेकिन सड़क के ऊंचे हो जाने के कारण जलभराव की समस्या पैदा हो गई।
निर्माण कार्य के बाद भी अस्पताल में जलभराव : जिला अस्पताल में जलभराव की समस्या के निस्तारण को लेकर जिला प्रशासन द्वारा लोक निर्माण विभाग के इंजीनियरों और नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी को लगाने के बाद भी जलभराव की समस्या खत्म नही हुई। पालिका प्रशासन ने नाले का निर्माण कराया, लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं ने अपनी मौजूदगी में दो दो फीट ऊंची दीवार बनवाई और चैंबर से बाहर पानी फेंकने के लिए दो मोटर लगवाए लेकिन बारिश के बाद अधिकारियों के सारे जतन बेकार हो गए और पहले की तरह फिर अस्पताल तालाब बन गया।