फोटो 16 एमएएचपी 15 परिचय-जैलवारा गांव में पाइपलाइन डालने के बाद इस तरह छोड़ दी खोदी गई सड़क। सं
अजनर (महोबा)। ब्लॉक जैतपुर के जैलवारा गांव में नमामि गंगे योजना के तहत डाली गई पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने से पेयजल आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इससे ग्रामीण पेयजल के लिए परेशान हैं और दूर-दराज के जलस्रोतों से पानी लाने को मजबूर हैं। बावजूद इसके जिम्मेदार कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। इससे ग्रामीणों में नाराजगी है।
जिले में जल जीवन मिशन के तहत करीब 1,100 करोड़ की पांच पेयजल परियोजनाएं संचालित हैं। गांवों में पाइपलाइन डालने के लिए सीसी सड़कें खोदी गई थीं लेकिन इसके बाद सड़कों को दुरुस्त नहीं कराया गया। अधिकांश गांवों में पानी नहीं पहुंच रहा। लोगों की इस समस्या को लेकर चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत ने प्रधानों के साथ 30 जनवरी को महोबा दौरे पर आए जलशक्ति मंत्री का काफिला रोका था। इस दौरान विधायक ने पेयजल योजनाओं में अनियमितता का आरोप लगाया था। मामला प्रदेश स्तर पर पहुंचने के बाद जलशक्ति मंत्री ने योजना से जुड़े अधिकारियों व कार्यदायी संस्था के प्रमुखों के साथ बैठक कर 30 दिन के अंदर सभी परियोजनाओं का काम पूरा सड़कें दुरुस्त करने और हर घर जल पहुंचाने के निर्देश दिए थे। कहा था कि समय पर काम पूरा न होने पर कंपनी को ब्लैक लिस्टेड करते हुए एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। एक माह से अधिक समय बीतने के बाद भी अभी तक कई गांवों में सड़कें उखड़ी पड़ी और कई गांवों में पानी नहीं पहुंच रहा है। पांच दिन पहले विधायक के निरीक्षण में भी नरेड़ी गांव में सड़कें उखड़ी और पेयजल आपूर्ति बाधित मिली थी। विधायक ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर योजना के कार्यों की एसआईटी से जांच कराने की मांग की है।
जैलवारा गांव में पेयजल आपूर्ति के लिए पाइपलाइन बिछाई गई और पानी की टंकी का निर्माण भी कराया गया लेकिन इसके बावजूद ग्रामीणों को पेयजल आपूर्ति का लाभ नहीं मिल पा रहा है। माह फरवरी में जब जलापूर्ति की टेस्टिंग की गई तो कई स्थानों पर पाइपलाइन फट गई। तब पानी की सप्लाई रोक दी गई। इसके बाद अब तक गांव में नियमित जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी है। ग्रामीणों का कहना है कि योजना पर लाखों रुपये खर्च होने के बाद भी उन्हें पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। लोग अभी भी हैंडपंप और अन्य स्रोतों से पानी लाने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से जल्द पाइपलाइन की मरम्मत कर जलापूर्ति बहाल कराने की मांग की है। ताकि गांव के लोगों को स्वच्छ पेयजल मिल सके। उधर, जल निगम ग्रामीण के अधिशासी अभियंता संदेश सिंह तोमर का कहना है कि जैलवारा गांव की शिकायत आई है। मंगलवार को ही गांव में टीम भेजकर समस्या का समाधान कराया जाएगा।
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ग्रामीणों ने बताई हकीकत
जैलवारा गांव निवासी रामू मिश्रा का कहना है कि फरवरी में महाशिवरात्रि के समय टेंस्टिग की थी। तब मुख्य लाइन के पाइप फट रहे थे। ठेकेदार पाइप लाइन को छोडकर चले गए। पाइप लाइन को दुरुस्त नहीं कराया गया। इससे पेयजल आपूर्ति प्रभावित है।
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जैलवारा निवासी पवन राजपूत कहते हैं कि पाइपलाइन डालने के नाम पर खोदी गई सड़कों की आज तक पूरी तरह मरम्मत नहीं कराई गई। इससे ग्रामीणों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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जैलवारा के ग्राम प्रधान पति अखिलेश राजपूत का कहना है कि टंकी बनी और पाइपलाइन बिछी लेकिन अजनर मुख्य लाइन से पानी जैलवारा की तरफ नहीं छोड़ा गया। इससे पेयजल की समस्या बरकरार है।
फोटो 16 एमएएचपी 15 परिचय-जैलवारा गांव में पाइपलाइन डालने के बाद इस तरह छोड़ दी खोदी गई सड़क। सं