रविवार की शाम को मोहर्रम का चांद नजर आते ही इस्लामी नए साल की शुरूआत हो गई। मुस्लिम भाइयों ने चांद देखने के बाद मोबाइल से एक दूसरे को नए साल की मुबारबाद दी। चांद दिखने के बाद शाम से ही शहर के इमामबाड़ों में फातिहा शुरू हो गई। मोहर्रम पर्व के चंाद को देखने के लिए शाम साढ़े पांच बजे से ही लोग छतों, पहाड़ों और ऊंचाइयों पर पहुंच गए।
शाम को दिन डूबने के बाद जैसे ही चांद दिखा सभी ने इस्लामी नए साल का आगाज होने की सभी को मुबारकबाद दी। चंाद देखने के बाद लोग इमामचौक पर पहुंच गए जहां पर फातिहा हुई और इसके बाद मर्सिया शुरू हो गई। सोमवार से मोहर्रम की पहली तारीख की शुरूआत हो जाएगी और मोहर्रम की नवमी और दसवी को जिले में ताजिया जुलूस निकाला जाएगा। काजी-ए-शहर सैय्यद आफाक हुसैन ने बताया कि रविवार की शाम को चंाद की तस्दीक होने के बाद जिले में मोहर्रम पर्व की एक तारीख दिन सोमवार से शुरूआत हो जाएगी।