कानपुर। बरौनी-ग्वालियर मेल में गुरुवार को लखनऊ जिला कारागार में तैनात एसआई (प्रोन्नत दरोगा) सैय्यद वकार हुसैन सिद्दीकी की मौत हो गई। सेंट्रल स्टेशन पर जीआरपी ने शव को ट्रेन से उतार कर पोस्टमार्टम हाउस भेजा। घटना की सूचना पाकर एसआई के परिजन भी देर शाम पहुंच गए।
महोबा के सुभाष नगर जेल कालोनी निवासी सैय्यद वकार हुसैन (50) गुरुवार को बरौनी-ग्वालियर मेल के कोच नंबर-एस 10 की सीट नंबर-57 पर बैठकर यात्रा कर रहे थे। उन्नाव के पास अचानक उनकी तबियत बिगड़ गई। कोच में यात्रा कर रहे इफ्तिखार ने रेलवे कंट्रोल रूम 138 पर इसकी सूचना दी। साथ ही कोच अटेंडेंट को जानकारी दी। थोड़ी देर बाद सैय्यद सीट पर बैठे-बैठे अचेत हो गए। ट्रेन के सेंट्रल स्टेशन पहुंचने पर रेलवे डॉक्टरों की टीम ने उनका चेकअप किया। तब तक नब्ज थम चुकी थी। डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सैय्यद के मोबाइल से उनके परिजनों को घटना की सूचना दी गई। पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे परिजनों ने बताया कि सैय्यद सरकारी काम से कानपुर आ रहे थे। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि वह महोबा अपने घर जाने के लिए लखनऊ से निकले थे। वहीं, जीआरपी का मानना है कि सैय्यद वकार की हार्ट अटैक से मौत हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से सही वजह का पता चल सकेगा।