सोना गायब करने के मामले में गिरफ्तार आरोपी को यातनाएं देने और धमकाकर उसके घरवालों से एक लाख रुपये हड़प लेने के मामले में पुलिस अधीक्षक ने दो सिपाहियाें को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
एसपी की संस्तुति पर डीआईजी बी. आर. मीणा ने चौकी प्रभारी को भी निलंबित कर दिया। पीड़ित की तहरीर पर तीन पुलिस कर्मचारियों सहित पांच लोगाें के विरुद्ध कोतवाली महोबा में मुकदमा दर्ज किया गया है।
शहर के मोहल्ला बंधानवार्ड निवासी दीपेंद्र गुप्ता उर्फ विक्की सोने की खरीद फरोख्त करता है। दीपेंद्र दो दिन पहले ज्वैलर्स इरफान के यहां से सोना लेकर डॉ. सफन को बेचने गया। आरोप था कि कुछ सोना उसने गायब कर दिया। इसकी शिकायत इरफान ने सुभाष चौकी में की। इस पर चौकी प्रभारी ने सिपाहियों को भेजकर दीपेंद्र को गिरफ्तार करा लिया। बाद में धारा 151 में चालान कर दिया।
जमानत पर छूटने के बाद दीपेंद्र ने अपनी मां रंजना गुप्ता के साथ पुलिस अधीक्षक रामकिशोर को तहरीर देकर आरोप लगाया कि चौकी के अंदर चौकी प्रभारी देवेंद्र यादव, कांस्टेबल दीपक कुमार, गजेंद्र सिंह ने उसे यातनाएं दीं। घरवालों को धमकाकर उनसे एक लाख रुपये हड़प लिए।
रुपये लेने के एवज में उसका हल्की धारा में चालान किया गया। पिटाई से उसके गुप्तांगाें पर भी चोटें आईं। पुलिस अधीक्षक ने मामले की जांच अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. रामयश को सौंपी और पीड़ित का डॉक्टरी परीक्षण कराया। डॉक्टरी परीक्षण में चोटेें पाए जाने पर एसपी के आदेश से कोतवाली महोबा में चौकी इंचार्ज सहित पांच लोगों के खिलाफ धारा 420, 323 और भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
बाद में चौकी प्रभारी देवेंद्र यादव, कांस्टेबल दीपक कुमार और गजेंद्र सिंह को निलंबित कर दिया गया। नामजद अन्य दो लोगों में ज्वैलर्स इरफान और उसका साथी डॉ. सफन हैं। दीपेंद्र का आरोप है कि चौकी प्रभारी से सांठगांठ कर इन लोगों ने भी उसकी पिटाई की।
पुलिस अधीक्षक रामकिशोर का कहना है कि पीड़ित की पिटाई के मामले की जांच सीओ सदर संदीप सिंह को सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।