नैमिषारण्य तीर्थ का अलग महत्व है। एक बार नैमिषारण्य जाने पर सारे तीर्थों का फल प्राप्त हो जाता है। ये बात कथावाचक पं. ज्ञानेश त्रिपाठी ने भक्तों से कही।
रविवार को कस्बे के इंदिरा नगर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में कथावाचक ने श्रद्धालुआें से कहा कि गया धाम में पितरों का पिंडदान करने के बाद मुक्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। लेकिन नैमिषारण्य में पिंडदान करने से कई पीढ़ियों के लिए मोक्ष का मार्ग खुल जाता है।
उन्हाेंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा हमें जीवन के कई पड़ाव पर समस्याआें से निकलने में मदद करती है। इसी ग्रंथ में मनुष्य को प्रभु तक पहुंचने का मार्ग बताया गया है। कथा के दौरान उन्हाेंने भगवान के भजन भी सुनाए। जिसे सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए।