महोबा। जिले में संक्रामक बीमारियां जानलेवा हो गई हैं। शुक्रवार को बुखार से एक और मासूम की मौत हो गई। अब बुखार से मरने वालों की संख्या एक माह के अंदर 18 पहुंच गई है।
उधर, पांच मरीजों की हालत गंभीर होने पर उन्हें वार्ड में भर्ती कराया गया। जिला अस्पताल और निजी क्लीनिकों में डायरिया, बुखार और पेटदर्द के मरीजों की भीड़ है। दिन में तेज धूप निकलने और सुबह-शाम ठंडक होने से मौसम बदल रहा है। ऐसे में लोग विभिन्न बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं।
शुक्रवार को जिला अस्पताल की ओपीडी खुलते ही मरीजों की भीड़ जुटी। ओपीडी में 855 मरीजों का इलाज हुआ। पैथोलॉजी में हुई जांच में एक मरीज डेंगू पॉजिटिव मिला। जिले में अब तक डेंगू के मरीजों की कुल संख्या 21 पहुंच गई है। उधर, जीतेंद्र, मानसी, राजेश, आदेश व जानुल को पेटदर्द, बुखार होने पर वार्ड में भर्ती कराया गया।
उधर, जिले की सीमा से सटे जुझारनगर निवासी रामप्रकाश का पांच वर्षीय बेटे अभिषेक को एक सप्ताह से बुखार आ रहा था। उसका निजी क्लीनिकों में इलाज कराया गया। शुक्रवार को एक बार फिर हालत बिगड़ने पर परिजन उसे जिला अस्पताल लाए। जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
उधर, सीएमएस डॉ. पीके अग्रवाल का कहना है कि मौसम में बदलाव से लोग बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। ऐसे मौसम में ठंडे पानी से परहेज करें और कूलर, एसी न चलाएं। मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी का उपयोग करें।